भिवानी के गांव प्रेमनगर में पिछले 6 वर्षों से जारी अनिश्चितकालीन धरने पर रविवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पौधारोपण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान आंदोलनकारियों और नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जल्द ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के आवासों पर प्रदर्शन किया जाएगा।
अजय सैनी, भिवानी। जिला के गांव प्रेमनगर में पिछले 6 वर्षों से जारी अनिश्चितकालीन धरने पर रविवार को संघर्ष के साथ-साथ समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण की एक नई झलक देखने को मिली। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर धरना स्थल पर पौधारोपण कर न केवल देश के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि ‘पर्यावरण बचाओ’ का सशक्त संदेश भी दिया गया।
शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
धरना स्थल पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कर्ण सिंह गोठड़ा तथा समाजसेवी मास्टर सतबीर रतेरा ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों व आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कारगिल के वीर जवानों के बलिदान को याद किया।

विश्वविद्यालय निर्माण और रोजगार पर उठाए सवाल
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कर्ण सिंह गोठड़ा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय को गांव प्रेमनगर में स्थापित करना स्वीकृत किया था। उस समय सरकार की मंशा विश्वविद्यालय की स्थापना के उपरांत स्थानीय ग्रामीणों को नौकरियों में आरक्षण देने की भी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने इसका शिलान्यास तो किया, लेकिन विश्वविद्यालय में नौकरियां देने और गांव के विकास के नाम पर केवल झूठा आश्वासन ही दिया। उन्होंने दोहराया कि प्रेमनगर के ग्रामीणों के इस न्यायपूर्ण संघर्ष में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है।
आंदोलन तेज करने का लिया फैसला
समाजसेवी मास्टर सतबीर रतेरा ने धरनारत ग्रामीणों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और एकजुटता से डटे रहने से ही आंदोलन सफल होते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे ग्रामीणों के इस न्याय दिलाने वाले आंदोलन में हर समय तत्पर और साथ खड़े हैं। इसके पश्चात उन्होंने धरना स्थल पर ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे के आंदोलन की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान रवि सोलंकी ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन का समर्थन किया। धरने की अध्यक्षता कर्ण सिंह ढांडा (फौजी) ने की। ग्रामीणों और नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आंदोलन को और तेज करने के लिए जल्द ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के आवासों पर प्रदर्शन किया जाएगा।


