० डिजिटल डेटा संग्रह और फील्ड व्यवस्था की होगी जांच, वास्तविक जनगणना से पहले परखी जाएगी पूरी प्रक्रिया

चंडीगढ़। भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों के तहत हरियाणा सरकार ने राज्य में प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार ने इसके लिए चयनित क्षेत्रों को अधिसूचित कर दिया है, जहां 6 से 18 जुलाई तक फील्ड अभ्यास कराया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

इससे पहले 1 से 5 जुलाई तक पात्र नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं विवरण दर्ज करने) की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। यह प्रक्रिया देशभर में प्रस्तावित जनगणना-2027 की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

फील्ड में परखी जाएगी पूरी व्यवस्था

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं हरियाणा जनगणना-2027 की नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्री-टेस्ट का मुख्य उद्देश्य जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यवहारिक परीक्षण करना है। इसके तहत डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली, फील्ड संचालन, प्रगणकों (एन्यूमरेटर) की कार्यप्रणाली और तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जाएगी।

चुनौतियों की होगी पहचान

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से संभावित तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों की पहले ही पहचान कर उनका समाधान किया जाएगा, ताकि वास्तविक जनगणना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए। प्री-टेस्ट से प्राप्त अनुभवों के आधार पर आवश्यक सुधार कर जनगणना-2027 की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।