बुलंदशहर के परौरी गांव में रविवार को मजदूरी के दौरान 21 वर्षीय नीरज बघेल 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के बाद ग्रामीणों और विधायक ने धरना दिया, जिसके बाद सात लाख रुपये मुआवजे और लाइन हटाने के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ.
बुलंदशहर. जिले के खुर्जा थाना क्षेत्र के परौरी गांव में रविवार सुबह पड़ोस के मकान में मजदूरी कर रहे 21 वर्षीय नीरज बघेल की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई. घटना के बाद ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खुर्जा-जेवर मार्ग पर जाम लगा दिया. करीब सवा पांच घंटे बाद नोएडा के अधीक्षण अभियंता के आश्वासन पर जाम खोला गया.

काम के दौरान हुआ हादसा
परौरी गांव निवासी शिव कुमार के अनुसार, उनके चचेरे भाई नीरज बघेल पुत्र किशोरी खेती करते थे. पड़ोस में नीरज पुत्र प्रकाश के मकान की दूसरी मंजिल पर गाटर और पटिया डालने का काम चल रहा था, जहां वह रविवार को मजदूरी करने पहुंचे थे.
सुबह करीब 10 बजे काम के दौरान नीरज ने जैसे ही लोहे का एंगल ऊपर उठाया, वह मकान के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया. करंट का तेज झटका लगने से वह मौके पर गिर पड़ा.

मौके पर मौजूद मजदूरों ने उसे होश में लाने का प्रयास किया और फिर नजदीकी अस्पताल ले गए. वहां चिकित्सकों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों ने लगाया जाम
नीरज की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण खुर्जा-जेवर मार्ग पर पहुंच गए. ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और सड़क पर जाम लगा दिया.

परिवार के सदस्य शिव कुमार ने बताया कि हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए ग्रामीण पहले भी कई बार शिकायत कर चुके थे. ग्रामीणों ने लाइन को ढकने, उसकी ऊंचाई बढ़ाने, आवासीय क्षेत्र से दूर करने और वहां केवल कनेक्शन केबल लगाए जाने की मांग रखी.
विधायक भी धरने पर बैठीं
जाम की सूचना पर एसडीएम खुर्जा सत्येंद्र सिंह, सीओ खुर्जा शोभित कुमार अत्री और चार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा. काफी समझाने के बाद भी परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे.

दोपहर करीब तीन बजे खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी. उनके समझाने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन ग्रामीणों का धरना जारी रहा.
सात लाख मुआवजे का आश्वासन
विधायक मीनाक्षी सिंह भी ग्रामीणों के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गईं. उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से मुआवजा देने, जेई का तबादला करने और एसडीओ को निलंबित करने की मांग की.
इसके बाद नोएडा से अधीक्षण अभियंता पवन कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने मृतक आश्रित को सात लाख रुपये का मुआवजा देने, गांव से गुजर रही तारों को हटाने का काम शुरू कराने और जेई व एसडीओ के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया.

आश्वासन के बाद ग्रामीण जाम समाप्त करने के लिए तैयार हुए. सुबह 11 बजे से लगा जाम शाम सवा चार बजे खोला गया. इस दौरान खुर्जा से जेवर की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई. पुलिस ने यातायात को झाझर मार्ग और जहांगीरपुर के अन्य गांवों के रास्ते से निकालने की व्यवस्था की.
परिवार का इकलौता बेटा
मृतक की बहन भावना ने बताया कि उनके पिता किशोरी की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी. भावना और उनकी बहन कमलेश की शादी हो चुकी है, जिसके बाद मां कुसमा और नीरज साथ रहते थे.
परिवार के मुताबिक, नीरज अपनी मां की देखभाल करने के साथ मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था. वह घर का इकलौता बेटा था और उसकी मौत के बाद वृद्ध मां का सहारा छिन गया.
मजदूरी का पहला दिन
तहेरे भाई शिव कुमार के अनुसार, नीरज खेती करता था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसने खाली समय में मजदूरी करने का फैसला किया था. पड़ोस के मकान में छत बनाने का काम चल रहा था और रविवार को वह पहली बार मजदूरी करने गया था.

शिव कुमार के मुताबिक, मजदूरी का पहला ही दिन नीरज के लिए आखिरी साबित हुआ.
अधीक्षण अभियंता पवन कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुसार पीड़ित परिवार को सात लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि एसडीओ विशाल और जेई रामेश्वर पर कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है तथा गांव से होकर गुजर रही हाईटेंशन लाइन को जल्द कवर कराया जाएगा.

विधायक मीनाक्षी सिंह ने कहा कि ऊर्जा निगम की लापरवाही से परिवार का सहारा चला गया. उनके मुताबिक, मुख्य अभियंता से बात कर मृतक आश्रित के मुआवजे को पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपये कराया गया है. उन्होंने आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक की मां कुसमा को वृद्धावस्था पेंशन दिलाने की बात भी कही.


