दिल्ली में MCD टोल टैक्स से जुड़े नियमों में जल्द बदलाव हो सकता है। दिल्ली नगर निगम (MCD) कमर्शियल वाहनों पर टोल टैक्स बढ़ोतरी को लेकर एक नया प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, राजधानी में प्रवेश करने वाले वाणिज्यिक वाहनों पर लगाए जाने वाले Toll Tax में हर साल 5 % की बढ़ोतरी की योजना है। इस बदलाव का उद्देश्य नगर निगम की राजस्व आय में वृद्धि करना बताया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रकों, वाणिज्यिक वाहनों और अन्य मालवाहक गाड़ियों पर टोल टैक्स का बोझ लगातार बढ़ता जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टोल टैक्स में किसी भी तरह के बदलाव के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारी ने कहा कि सबसे पहले प्रस्ताव तैयार कर संबंधित समितियों के सामने रखा जाता है। इसके बाद नगर निगम सदन और दिल्ली सरकार से मंजूरी लेनी होती है। सभी औपचारिकताओं के बाद ही नियमों में बदलाव संभव होता है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दिल्ली नगर निगम (टोल टैक्स) बायलॉज, 2007 में संशोधन नोटिफाई किए जाने के बाद और सदन की मंजूरी मिलने पर टोल टैक्स में हर साल स्वतः 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हो जाएगी।

MCD में टोल टैक्स से जुड़े बायलॉज में संशोधन का प्रस्ताव निगम सदन की बैठक में पारित कर दिया गया है। यह बायलॉज एमसीडी को राजधानी की सीमा में प्रवेश करने वाली कमर्शियल गाड़ियों पर टोल टैक्स लगाने और उसे वसूलने का अधिकार देते हैं। संशोधन के तहत अब टोल व्यवस्था में एक नई कैटेगरी भी शामिल की गई है। इसके अनुसार 7-एक्सल और उससे अधिक एक्सल वाले भारी ट्रकों के लिए अलग श्रेणी बनाई गई है। इस नई व्यवस्था के तहत ऐसे ट्रकों की हर एंट्री पर 2,000 रुपये का टोल टैक्स देना होगा। इसके अलावा वाहन मालिकों को विकल्प के तौर पर 60,000 रुपये का मासिक पास भी लेने की सुविधा दी गई है।

प्रस्तावित दरों के अनुसार हर एंट्री पर टोल टैक्स इस प्रकार होगा:

टैक्सी और टेम्पो: ₹100

बस और कैंटर: ₹200

दो-एक्सल वाले 6-पहिया ट्रक: ₹400

3-एक्सल (10-पहिया) ट्रक: ₹800

4 से 6 एक्सल वाले ट्रक: ₹2,000

सुप्रीम कोर्ट या एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (AQMC) जैसे निर्देशों के तहत जरूरत पड़ने पर टोल दरों में संशोधन किया जा सकता है, लेकिन यह बढ़ोतरी पहले से तय सीमा के भीतर ही होगी।  अधिकारी ने बताया कि एमसीडी के ये प्रस्ताव टोल कलेक्शन प्रणाली में बड़े बदलाव का हिस्सा हैं। इसके तहत राजधानी में टोल वसूली को अधिक आधुनिक और डिजिटल बनाने की योजना है। इस बदलाव के तहत इस वर्ष के अंत तक बिना बैरियर वाला ‘मल्टी-लेन फ्री-फ्लो सिस्टम’ लागू करने की तैयारी भी की जा रही है। इस प्रणाली में वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा और स्वचालित तकनीक के माध्यम से शुल्क वसूला जाएगा।

नए सिस्टम को लागू करने के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त करने हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है और बोली लगाने की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में इस वर्ष अक्टूबर में शुरू होने वाले सर्दियों के प्रदूषण सीजन से पहले दिल्ली के 20 प्रमुख बॉर्डर टोल प्लाजा को बैरियर-फ्री बनाने की योजना है। इसके तहत वाहनों को अब टोल पॉइंट पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी और सिस्टम पूरी तरह स्वचालित तकनीक पर आधारित होगा। इसके अलावा, बाकी बचे सभी बॉर्डर पॉइंट्स को भी दिसंबर 2026 तक बैरियर-फ्री टोल प्लाजा में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। एमसीडी का कहना है कि इस बदलाव से न केवल ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, बल्कि टोल कलेक्शन प्रक्रिया भी अधिक तेज, पारदर्शी और डिजिटल हो जाएगी।

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