धार्मिक स्थलों पर पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए 100 फीट का प्रोटेस्ट-फ्री बफर जोन बनाने वाले बिल को जल्द पास कराने की कोशिश अमेरिकी सांसदों ने तेज कर दी है. सांसद टॉम सुोजी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को चर्च, मस्जिद, मंदिर या गुरुद्वारे में पूजा करने के लिए डरने या किसी खास तरह की हिम्मत दिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों समेत 30 से ज्यादा समूहों ने कैपिटल हिल पहुंचकर बिल का समर्थन किया.

इस ऐतिहासिक विधेयक का मकसद धार्मिक स्थलों (मंदिरों, गुरुद्वारों, चर्च और मस्जिदों) के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसा को रोकना है.

अमेरिकी सांसद पूजा स्थल के आसपास 100 फीट तक का नो-प्रोटेस्ट जोन बनाने की बात कहते हुए एक बिल को जल्द पास कराने की कोशिश कर रहे हैं. इसके तहत धार्मिक स्थलों के चारों ओर 100 फीट का ‘प्रोटेस्ट-फ्री बफर जोन’ (विरोध-मुक्त क्षेत्र) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है.

अमेरिका में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए नया कानून लाने की तैयारी हो रही है. अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में कैपिटल हिल के बाहर हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों सहित 30 से अधिक धार्मिक समूहों के नेताओं ने एकत्र होकर SACRED Act बिल का जोरदार समर्थन किया है.

इस बिल को कई हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों का समर्थन मिला है. इनमें हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, UNITED SIKHS, अमेरिकन ज्यूइश कमेटी, BAPS स्वामीनारायण संस्था और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका शामिल हैं.

वहीं, रिपब्लिकन सांसद ब्रैड नॉट ने कहा कि US में पूजा करने का अधिकार खतरे में है. जबकि दूसरी तरफ BAPS स्वामीनारायण संस्था ने बताया कि हाल के वर्षों में उसके चार मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है. बिल का समर्थन करने वाले संगठनों का कहना है कि इसका मकसद किसी एक धर्म की सुरक्षा करना नहीं है.

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