भुवनेश्वर। जमीनी स्तर के शासन में ओडिशा ने अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। राज्य की पांच पंचायतों को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025’ (National Panchayat Awards 2025) के लिए चुना गया है। ग्रामीण विकास, स्वच्छता, जल संरक्षण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आगामी 3 जून को नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में इन पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा।

राज्य में सबसे बड़ी सफलता गंजम जिले के हाथ लगी है। गंजम जिला परिषद को देश भर की जिला पंचायतों में दूसरा स्थान मिला है, जिसके लिए उसे प्रतिष्ठित ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2025’ से नवाजा जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए गंजम जिले को 3 करोड़ रुपये की भारी-भरकम पुरस्कार राशि दी जाएगी।
पोतलामपुर पंचायत (गंजम)
गंजम जिले के छत्रपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली पोतलामपुर पंचायत ने ‘स्वस्थ पंचायत’ श्रेणी में ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2025’जीता है।सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए इस पंचायत को 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
पदुआ पंचायत (केंदुझर/केओंझर)
केंदुझर जिले की पदुआ पंचायत को ‘जल-पर्याप्त पंचायत’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है। जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल संसाधन प्रबंधन के लिए इस पंचायत को 50 लाख रुपये का वित्तीय पुरस्कार मिलेगा।
हातीबांधा पंचायत (सुंदरगढ़)
सुंदरगढ़ जिले के लाठिकाटा ब्लॉक की हातीबांधा पंचायत को ‘स्वच्छ और हरित पंचायत’ श्रेणी में चुना गया है। स्वच्छता, साफ-सफाई और पर्यावरण स्थिरता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए इसे 37.5 लाख रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा।
मंदार पंचायत (गंजम)
गंजम जिले के पोलासरा ब्लॉक के तहत मंदार पंचायत को ‘सामाजिक रूप से न्यायसंगत और सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत’ श्रेणी में गौरव हासिल हुआ है। समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा पहलों में योगदान के लिए इस पंचायत को 37.5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
ओडिशा की यह सफलता राज्य की अन्य पंचायतों के लिए ग्रामीण विकास और सुशासन की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।
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