० हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित समिति की रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग का फैसला

रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों को बड़ा झटका दिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्राथमिक शिक्षकों को एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में विभाग ने शुक्रवार को आधिकारिक आदेश जारी कर दिया।

यह फैसला झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद लिया गया है। हाई कोर्ट ने किरण कुमारी हेम्ब्रम एवं अन्य बनाम झारखंड सरकार मामले में राज्य सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की मांग पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।

कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गठित समिति की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने की। समिति में विधि विभाग के प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया था। समिति ने प्राथमिक शिक्षा प्रोन्नति नियमावली, 1993 और वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी।

समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया कि वर्तमान नियमों के तहत प्राथमिक शिक्षकों को एसीपी और एमएसीपी का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकता। इसके बाद विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया।