सतीश सिंह, लखनऊ. राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान देशभर के कुली प्रतिनिधियों ने दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार और सांसदों से मुलाकात करने का निर्णय लिया है. प्रतिनिधिमंडल कुलियों को रेलवे में समायोजित करने, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेलवे स्टेशनों पर सामान ढुलाई से जुड़े कार्य कुलियों की सहकारी समितियों को सौंपने सहित कई मांगों का ज्ञापन सरकार और सांसदों को देगा. यह निर्णय बुधवार रात में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय कुली मोर्चा की वर्चुअल बैठक में लिया गया है.

बैठक में कुली प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि रेलवे में निजीकरण की नीतियों के कारण कुलियों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है. उनका कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर सामान ढुलाई का काम निजी कंपनियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, बैटरी कार और अन्य व्यवस्थाओं को सौंपा जा रहा है, जिससे रेलवे द्वारा अधिकृत कुलियों का रोजगार प्रभावित हो रहा है. मोर्चा ने मांग की कि बैटरी कार, ट्रॉली व्यवस्था और “माई कुली” ऐप जैसी सेवाओं का संचालन कुलियों की सहकारी समितियों को सौंपा जाए.

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बैठक में यह भी कहा गया कि पिछले वर्ष कुलियों की जीवन स्थितियों और सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन की जांच कराई गई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक संसद के पटल पर नहीं रखी गई. राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने मांग की है कि मानसून सत्र में इस रिपोर्ट को सदन में प्रस्तुत किया जाए और उसके आधार पर आवश्यक निर्णय लिए जाएं. बैठक में राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव के खिलाफ कथित फर्जी और बिना हस्ताक्षर वाली शिकायत के आधार पर किए गए मानसिक उत्पीड़न पर भी नाराजगी जताई गई. संगठन ने निर्णय लिया कि इस मुद्दे पर भी रेल मंत्रालय को ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया जाएगा.