बलवंत भट्ट, मंदसौर। जिले में बारिश का दौर थमने और लंबी खेंच से परेशान किसानों व ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए एक बार फिर पुरानी लोक परंपरा का सहारा लिया है। शहर के चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने बारिश की कामना को लेकर बुधवार रात एक अनोखा अनुष्ठान किया।

श्मशान घाट में हुई गधों की पूजा और बुवाई

चंद्रपुरा क्षेत्र के लोगों ने बुधवार रात श्मशान घाट पहुंचकर गधों को फूलों की माला पहनाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद गधों से खेत में नमक और उड़द की बुवाई कराई गई। इस अनुष्ठान के दौरान दो व्यक्ति भी गधों के पीछे नग्न अवस्था में माला पहनकर चले। स्थानीय लोगों का मानना है कि पूर्वजों के समय से चली आ रही इस परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और गधों के अपने ठिकाने पर वापस पहुंचने से पहले ही बारिश शुरू हो जाती है।

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पुरस्कार में खिलाए जाते हैं गुलाब जामुन

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अनुष्ठान के बाद जब अच्छी बारिश हो जाती है, तो इन गधों को दोबारा खोजकर निकाला जाता है। इसके बाद उन्हें फूल-माला पहनाकर और गुलाब जामुन खिलाकर उनका सम्मान किया जाता है।

सात इंच कम हुई है बारिश

स्थानीय लोगों और पार्षद प्रतिनिधि शैलेन्द्र गिरी गोस्वामी के अनुसार, इससे पहले वर्ष 2023 और 2025 में भी बारिश का संकट गहराने पर यह अनोखा जतन किया गया था। इस साल मंदसौर जिले में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7 इंच कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते फसलों पर मंडराते संकट को देखते हुए ग्रामीणों ने एक बार फिर इस प्राचीन परंपरा को दोहराया है।

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