Odisha Desk, भुवनेश्वर: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC Group) के साथ 1.10 लाख करोड़ रुपये की मेगा इंटीग्रेटेड एल्युमिनियम परियोजना के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के साथ ‘समृद्ध ओडिशा 2036’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में राज्य ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ओडिशा को औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।

ओडिशा सरकार ने गुरुवार को लगभग 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये) के निवेश वाली इस मेगा परियोजना के लिए IHC ग्रुप के साथ आधिकारिक तौर पर समझौता किया। यह समझौता राज्य की औद्योगिक संवर्धन एजेंसी IPICOL और IHC Group के बीच लोक सेवा भवन कन्वेंशन सेंटर, भुवनेश्वर में संपन्न हुआ।

समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी, उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा IHC ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने इस समझौते को ओडिशा की औद्योगिक यात्रा का ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इससे राज्य को समृद्ध, आधुनिक, समावेशी और औद्योगिक रूप से विकसित बनाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा के प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन का मध्य-पूर्व की पूंजी और आधुनिक तकनीक के साथ समन्वय राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति का आधार बनेगा।

प्रस्तावित परियोजना के तहत बॉक्साइट खनन, एल्यूमिना रिफाइनिंग, एल्युमिनियम स्मेल्टिंग, कैप्टिव पावर उत्पादन, डाउनस्ट्रीम एल्युमिनियम मैन्युफैक्चरिंग और आवश्यक औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के निर्माण चरण में करीब 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि परियोजना शुरू होने के बाद 18,500 स्थायी रोजगार सृजित होंगे। इस प्रकार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 53,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खनिजों का निर्यात करना नहीं, बल्कि उनमें वैल्यू एडिशन कर ओडिशा के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व तेजी से ग्रीन मेटल्स और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहा है तथा यह परियोजना इस क्षेत्र में ओडिशा को अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार ‘समृद्ध ओडिशा 2036’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य को उसके शताब्दी वर्ष तक देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एल्युमिनियम परियोजना के अलावा ओडिशा सरकार और IHC ग्रुप रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), मेटलर्जी, डिजिटल सिस्टम्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे।

उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए भूमि, जल, बिजली, लॉजिस्टिक्स और सभी आवश्यक स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएगी।

इस अवसर पर APSEZ के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि ओडिशा के पास देश का सबसे बड़ा बॉक्साइट भंडार और भारत के कुल लौह अयस्क भंडार का आधे से अधिक हिस्सा मौजूद है। उन्होंने कहा कि ओडिशा अब केवल कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और यह समझौता राज्य की अर्थव्यवस्था को वैश्विक औद्योगिक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन, मुख्य सचिव अनु गर्ग, IHC Group के प्रबंध निदेशक एवं CEO सैयद बसर शुएब, International Resources Holding (IRH) के CEO अली अल-राशदी सहित राज्य सरकार और IHC ग्रुप के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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