कैथल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजौंद से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई। सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई।

राकेश कथूरिया, कैथल। कैथल जिले में तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजौंद से किया गया। इस विशेष अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने पोलियो बूथ पर नन्हे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर इस Pulse Polio Campaign Kaithal अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इसके साथ ही उन्होंने सभी उपस्थित अभिभावकों से अपने पांच वर्ष तक की आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाने की भावुक अपील की। इस दौरान जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए ताकि कोई भी बच्चा दवा पीने से वंचित न रह सके।

पड़ोसी देशों के कारण संक्रमण का खतरा बरकरार

समारोह को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने कहा कि भारत को 27 मार्च 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पूरी तरह पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस की सक्रिय मौजूदगी के कारण भारत में संक्रमण का खतरा अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यही मुख्य कारण है कि प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देश के सभी बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत आवश्यक है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस खतरे को समाप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

घर-घर जाकर बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक

उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय अभियान के तहत जिले के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में 619 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों और निर्माण स्थलों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए 27 मोबाइल टीमें तथा बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों के लिए 41 विशेष ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं। अभियान के पहले दिन बूथ पर दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे व तीसरे दिन 29 और 30 जून 2026 को टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को खुराक पिलाएंगी। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज सिंह और चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. संदीप सिंह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।