कुमार इंदर, जबलपुर। देश के सबसे बहुचर्चित और वीभत्स ‘पुणे पोर्श कार हादसे’ के मुख्य आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें हादसे के मुख्य आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल और उसका परिवार जमानत मिलने की खुशी में जमकर जश्न मनाते और पार्टी करते नजर आ रहे हैं। इस असंवेदनशील जश्न को देखकर हादसे में जान गंवाने वाली जबलपुर की बेटी अश्विनी कोष्टा के पीड़ित परिवार ने गहरा दुख और हैरानी जताई है।

‘मुंबई से आया मेरा दोस्त…’ गाने पर थिरके माता-पिता

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जेल से बाहर आने के बाद आरोपी के माता-पिता के गले में नोटों की मोटी-मोटी मालाएं डली हुई हैं। वहीं पृष्ठभूमि में बज रहे बॉलीवुड गाने “मुंबई से आया मेरा दोस्त, दोस्त को सलाम करो…” की धुन पर बेफिक्र होकर नाचते और ठुमके लगाते नजर आ रहे हैं। हादसे में दो मासूमों की जान जाने के बावजूद, रईजादा परिवार के इस तरह सरेआम जश्न मनाने पर लोग थू-थू कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट से मिली है तीनों मुख्य आरोपियों को जमानत

यह जश्न तब शुरू हुआ जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) की डबल बेंच ने इस मामले के तीन मुख्य आरोपियों—आदित्य अविनाश सूद, आशीष सतीश मित्तल और अमर संतोष गायकवाड को सशर्त जमानत दे दी। इसके साथ ही मुख्य आरोपी के बिल्डर पिता विशाल अग्रवाल को भी कोर्ट से राहत मिल गई है। जेल से बाहर आते ही पूरे परिवार ने इस कानूनी राहत को किसी बड़ी जीत की तरह सेलिब्रेट किया।

जबलपुर के पीड़ित परिवार ने जताई आपत्ति

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद हादसे का दंश झेल रहे पीड़ित परिवारों के जख्म एक बार फिर हरे हो गए हैं। इस खौफनाक हादसे में जान गंवाने वाली जबलपुर की होनहार सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा के पिता ने कोर्ट के फैसले और इस जश्न पर गहरी हैरानी और आपत्ति जताई है।

पीड़ित परिवार का दर्द

अश्विनी के पिता ने बेहद भावुक और आक्रोशित होते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था से उन्हें उम्मीद थी, लेकिन अपराधियों को इतनी जल्दी राहत मिल जाना और उसके बाद उनका इस तरह असंवेदनशील होकर नोटों की माला पहनकर नाचना, उनके बिखरे हुए परिवार का क्रूर मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रसूखदार लोगों के लिए कानून के मायने अलग होते हैं?

यह था पूरा मामला

बता दें कि 19 मई 2024 की देर रात पुणे के कल्याणी नगर इलाके में यह दिल दहला देने वाला हिट एंड रन केस हुआ था। यहां शराब के नशे में धुत एक रईसजादे नाबालिग ने अपनी तेज रफ्तार लग्जरी पोर्श कार से मोटरसाइकिल सवार दो युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों (अश्विनी कोष्टा और अनीश अवधिया) को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपियों को बचाने के लिए ब्लड सैंपल बदलने से लेकर सबूत मिटाने तक के कई गंभीर आरोप अग्रवाल परिवार और डॉक्टरों पर लगे थे।

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