चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया हलचल और राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए बीजेपी को ‘ईडी पार्टी’ करार दिया और आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों के दम पर व्यापारियों को डरा-धमकाकर चंदे के नाम पर लूट का खेल चल रहा है।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब से राष्ट्रीय दलों को मिले कुल चंदे में भारतीय जनता पार्टी का पलड़ा भारी रहा है। इस अवधि में बीजेपी को पंजाब से करीब 60.30 करोड़ का चंदा मिला, जो कि कुल चंदे का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा है। इसके मुकाबले अन्य प्रमुख दलों को काफी कम चंदा मिला है; कांग्रेस को करीब 3.70 करोड़ का चंदा हासिल हुआ, जो कुल हिस्सेदारी का लगभग 5.7 प्रतिशत है, जबकि आम आदमी पार्टी को करीब 71 लाख का चंदा मिला, जो कुल राशि का महज 1.1 प्रतिशत बैठता है।

चंदे के नाम पर चल रही है लूट – केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि पंजाब में ईडी पार्टी (बीजेपी) की सिर्फ दो सीटें हैं, लेकिन उन्हें पंजाब से कुल चंदे का 93 प्रतिशत हिस्सा मिला है। सोचने वाली बात है कि कोई इन्हें इतना चंदा क्यों दे रहा है? व्यापारियों को ईडी और सीबीआई सरेआम धमकियां दे रही हैं और चंदे के नाम पर लूट मची है। केजरीवाल ने आगे कहा कि पंजाब इस तरह की धक्केशाही को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और बीजेपी ने किसान आंदोलन से भी कोई सीख नहीं ली है। हाल ही में पंजाब समेत देश के कई अन्य राज्यों में ईडी की छापेमारी देखने को मिली थी, जिसे आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हिंदू कारोबारियों को डराने-धमकाने की कार्रवाई बताया था।

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किस रिपोर्ट के आधार पर लगे आरोप?

अरविंद केजरीवाल ने जिस आंकड़े का हवाला दिया है, वह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) द्वारा 26 मार्च, 2026 को जारी की गई एक रिपोर्ट पर आधारित है। यह रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपे गए उस डेटा के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक दलों को 20,000 रुपये से अधिक मिलने वाले सभी चंदों का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। पार्टियों ने इस चंदे की घोषणा खुद की थी।