रूपनगर। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल के बाद अब बगावत के स्वर उठने लगे हैं. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर शुक्रवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में अहम फैसला लिया गया. कांग्रेस के मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक खत्म होने के बाद हाईकमान से बातचीत के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की गई, हालांकि इस कमिटी में किसके नाम होंगे और कौन कौन दिल्ली में आलाकमान से मिलेगा इसमें सस्पेन्स बरकरार है.

सूत्रों का कहना है कि इस समिति का उद्देश्य पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं तथा सुझावों को कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाना बताया गया है. कई ऐसी बातें है जो दिल्ली तक नहीं पहुंचती हैं. बैठक में पंजाब कांग्रेस के कई विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए. संगठनात्मक फेरबदल के बाद पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. अब देखना है कि चन्नी की यह नाराजगी कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है.

वही बैठक के बाद पंजाब यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि बैठक का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना और आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को चुनौती देने के लिए संगठन को एकजुट करना है. उन्होंने कहा कि सभी नेता एक मंच पर इसलिए एकत्र हुए हैं ताकि कार्यकर्ताओं और नेताओं की भावनाओं को कांग्रेस हाईकमान तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके.