चंडीगढ़. बीते दिन हुए पंजाब कांग्रेस में फेरबदल का असर अब नजर आने लगा है, नई सूची जारी होने के बाद वह लोग नाराज है जो पिछले कई सालों ने पार्टी के लिए समर्पित रहे, लेकिन पार्टी ने उन्हें अब अनदेखा कर दिया है. नाराज होने वालों में सांसद मनीष तिवारी का नाम भी समाने आया हम जिन्होंने सोशल मीडिया में हाल ही में एक पोस्ट शेयर किया है.

दरअसल, कांग्रेस के सीनियर नेता और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी को पार्टी में बदलाव के दौरान किसी भी अहम संगठनात्मक या चुनाव से जुड़ी भूमिका में शामिल नहीं किया गया। इसी बीच सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया एक पोस्ट शेयर कर अपनी नाराजगी जाहिर की। मनीष तिवारी ने पोस्ट शेयर कर लिखा, ”है बड़ा कोई अवगुण उसमे जिसे कोई हुनर ​​आवे। काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की इनसिक्योरिटीज के लिए कोई एंटीडोट होता! इंडियन नेशनल कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 सालों में काफी कुछ दिया है और मैंने भी अपनी पूरी ज़िंदगी दशकों से कांग्रेस की सेवा में लगा दी है। जो होगा, सो होगा…।”


इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कांग्रेस सामने समय राजनीतिक पार्टियों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत दिखाई देने लगे हैं.हाईकमान द्वारा किए गए बदलाव से नाराजगी बढ़ गई है. ऐसे में एक बार फिर पार्टी के अंदरूनी हालात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है.
बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भी कांग्रेस में ऐसे ही हालत देखने को मिले थे. उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान का असर चुनावी माहौल पर भी पड़ा था.

आपको ये भी बता दें कि, हाईकमान द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार वर्तमान में पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वड़िंग के हाथों में है. चरणजीत सिं चन्नी-चेयरमैन कैंपने कमेटी, डॉ. अमर सिंह- चेयरमैन, मेनिफेस्टो कमेटी, सुखविंदर सिंह डैनी-वर्किंग प्रेसिडेंट, पंजाब कांग्रेस, राज कुमार वेरका-वर्किंग प्रेसिडेंट, पंजाब कांग्रेस, प्रताप सिंह बाजवा- एलओपी पद पर, पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा-चेयरमैन कोर कमेटी, विजय इंदर सिंगला- इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी की जिम्मेदारी सौंपी है.