चंडीगढ़। बीते दिन पंजाब कांग्रेस में संगठन में हुए नए बदलाव की चर्चा काफी चल रही है। इस नियुक्ति को लेकर अब अंदरूनी चर्चा और नाराजगी बाहर आने लगी है। खबर है कि सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा नाराज बताए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया में अब तक नहीं चर्चा नहीं आपको बता दें कि इस नई जिम्मेदारी मिलने के बाद से अब तक दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया में कोई पोस्ट नहीं किया है, साथ ही अब तक नई जिम्मेदारी मिलने पर हाईकमान का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद भी नहीं किया है। सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आने से ये भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

वोट बैंक का रखा के ध्यान सूत्रों के अनुसार, चरणजीत चन्नी खुद प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते थे और इस पर चर्चा भी हुई थी। लेकिन आखिरी समय में पार्टी ने जट्ट सिख वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए राजा वड़िंग को ही अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया। वहीं, रंधावा की नाराजगी इस बात को लेकर बताई जा रही है कि यदि जट्ट सिख नेता को ही अध्यक्ष बनाना था, तो उन्हें यह जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई।

नई नियुक्तियों में कांग्रेस ने चन्नी को Election Campaign Committee का चेयरपर्सन बनाया है, जबकि सुखजिंदर रंधावा को कोर कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

भाजपा नेता ने साधा निशान इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा तंज कसने से पीछे नहीं हटी है। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के कई नेता चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पक्ष में थे। अब राजा वड़िंग के अध्यक्ष बने रहने के बाद उनके साथ सभी नेता कितनी मजबूती से काम करेंगे, यह बड़ा सवाल है।अब देखना यह है कि पार्टी के अंदर बढ़ती यह खींचतान से चुनावी नतीजे में क्या असर दिखाई देता है।