राजीव गांधी राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय (RGNUL), पटियाला के वाइस चांसलर (VC) द्वारा छात्राओं के होस्टल की अचानक जांच और उनके कपड़ों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस मामले में पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है, जिसमें VC को तुरंत हटाने की मांग की गई है.
महिला आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि मीडिया रिपोर्टों और छात्राओं की शिकायतों के बाद उसने राजीव गांधी राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय, पटियाला के वाइस चांसलर VC से संबंधित एक ताजा घटना का स्वतः संज्ञान लिया है. महिला आयोग ने 25 सितंबर 2024 को विश्वविद्यालय का दौरा किया और विश्वविद्यालय के अधिकारियों, जिला प्रशासन और पीड़ित छात्राओं से मुलाकात की. जिस घटना पर विवाद हो रहा है, वह 22 सितंबर 2024 की है जब वाइस चांसलर ने बिना पूर्व सूचना के छात्राओं के होस्टल का औचक निरीक्षण किया.
आरोप है कि निरीक्षण के दौरान वह न केवल छात्राओं के कमरों में प्रवेश किए, बल्कि उनके पहनावे पर अनुचित और अपमानजनक टिप्पणियाँ भी कीं, जिसमें उन्होंने कुछ खास कपड़े न पहनने की हिदायत दी. उनके इस आचरण ने छात्राओं में काफी परेशानी पैदा की और इसे उनकी निजता और गरिमा का उल्लंघन माना जा रहा है.
प्रबंधन की भूमिका का उल्लंघन
आयोग ने VC की हरकतों को बेहद अनुचित और प्रबंधन की भूमिका का स्पष्ट उल्लंघन माना है. उनके इस व्यवहार ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.

महिला आयोग की अध्यक्ष ने छात्रों से की मुलाकात
इससे पहले, बुधवार को पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल पटियाला विश्वविद्यालय पहुंचीं. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी के लिए छात्राओं और VC से बातचीत की. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले का जल्द समाधान कर लिया जाएगा. उन्होंने छात्रों की शिकायतें सुनीं और वाइस चांसलर से मुलाकात की. छात्रों की कई समस्याएं हैं.
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