चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने मजदूर दिवस (1 मई 2026) के अवसर पर राज्य विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह विशेष सत्र देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मेहनतकश मजदूरों और कामगारों को समर्पित होगा।
इस ऐतिहासिक पहल के तहत, सदन में मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्य रूप से मनरेगा योजना में किए गए बदलावों और उनका श्रमिक वर्ग पर पड़ने वाले असर पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजदूरों के सामने आ रही चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा। सत्र में विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति के माध्यम से अन्य आवश्यक विधायी कार्य भी निपटाए जाएंगे, ताकि राज्य के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए निर्णय लिए जा सकें। यह निर्णय पंजाब सरकार के हालिया विधायी सक्रियता के क्रम में है।
इससे पहले भी सरकार ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाए हैं। 13 अप्रैल 2026 को बुलाए गए सत्र में पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मुद्दे पर संशोधन विधेयक पेश किया गया था, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। 17 अप्रैल 2026 को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की मंजूरी के बाद, अब राज्य में ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू हो चुका है।

29-30 दिसंबर 2025 को बुलाए गए सत्र में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के फैसले के विरोध में भी सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें पंजाब विधानसभा में केंद्र के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था।
- Koderma News: राजभवन प्रदर्शन से पहले कांग्रेस ने कसी कमर, कोडरमा में बैठक कर बनाई रणनीति, 26 सितंबर को रांची कूच
- उत्तराखण्ड बना फिल्म शूटिंग का नया ठिकाना, 5 साल में 1,759 करोड़ का कारोबार
- छत्तीसगढ़ में महिला से साइबर ठगी, जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन, नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
- चलती मालगाड़ी से अलग हुए कई डिब्बे, डेढ़ घंटे तक प्रभावित रहा रेल और सड़क यातायात
- रोजी-रोटी की जंग! सड़क किनारे सब्जी व्यापारियों को हटाने पहुंची निगम, कार्रवाई के दौरान जमकर हुआ हंगामा



