पुरी के जगन्नाथ धाम में बीते दिन मंदिर के शिखर पर चीलों के चक्कर लगाने का दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में सैकड़ों चील नीलचक्र के ऊपर उड़ते नजर आए, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ इसे भगवान का दिव्य संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
स्थानीय लोग इसे पौराणिक ग्रंथ भविष्य मालिका की भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि मंदिर प्रशासन इसे केवल प्राकृतिक घटना मान रहा है।
मंदिर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चीलों का यह व्यवहार केवल प्राकृतिक कारणों से है और इसमें किसी तरह की अलौकिक घटना शामिल नहीं है।
भविष्य मालिका, जो 1400 के दशक में ओडिशा के पंचसखाओं द्वारा भगवान जगन्नाथ के मार्गदर्शन में लिखी गई थी, ताड़ के पत्तों पर लिखी गई भविष्यवाणियों का संग्रह है। इसमें कलयुग के अंत, प्राकृतिक आपदाएं और मानव जीवन के महत्वपूर्ण परिवर्तन संबंधी चेतावनियों का उल्लेख किया गया है। भविष्य मालिका के अनुसार मंदिर के झंडे पर बार-बार चील जैसे पक्षियों का आना किसी प्राकृतिक आपदा या बड़े संकट का संकेत हो सकता है।

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