पुरी के जगन्नाथ धाम में बीते दिन मंदिर के शिखर पर चीलों के चक्कर लगाने का दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में सैकड़ों चील नीलचक्र के ऊपर उड़ते नजर आए, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ इसे भगवान का दिव्य संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
स्थानीय लोग इसे पौराणिक ग्रंथ भविष्य मालिका की भविष्यवाणियों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि मंदिर प्रशासन इसे केवल प्राकृतिक घटना मान रहा है।
मंदिर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चीलों का यह व्यवहार केवल प्राकृतिक कारणों से है और इसमें किसी तरह की अलौकिक घटना शामिल नहीं है।
भविष्य मालिका, जो 1400 के दशक में ओडिशा के पंचसखाओं द्वारा भगवान जगन्नाथ के मार्गदर्शन में लिखी गई थी, ताड़ के पत्तों पर लिखी गई भविष्यवाणियों का संग्रह है। इसमें कलयुग के अंत, प्राकृतिक आपदाएं और मानव जीवन के महत्वपूर्ण परिवर्तन संबंधी चेतावनियों का उल्लेख किया गया है। भविष्य मालिका के अनुसार मंदिर के झंडे पर बार-बार चील जैसे पक्षियों का आना किसी प्राकृतिक आपदा या बड़े संकट का संकेत हो सकता है।

- 62 हजार की मेथ बेचने से पहले ही धरा गया तस्कर, गुरुग्राम पुलिस ने 62.06 ग्राम मादक पदार्थ किया बरामद
- CM साय ने कहा – छत्तीसगढ़ में और खुलेगा सत्य साईं ट्रस्ट का अस्पताल… मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से 700 करोड़ से अधिक सरचार्ज माफ
- Bihar Top News 24 july 2026: पवन सिंह के रोड शो में उमड़ी भारी भीड़, मुजफ्फरपुर में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं और सोशल मीडिया बंद
- भारतीय ऑटो बाजार में हुंडई i20 का जलवा : 18 सालों में 15 लाख परिवारों की बनी पहली पसंद, जानें क्या है खास
- NTA Recruitment 2026: संस्थागत मजबूती के लिए NTA का बड़ा कदम, 4 GM पदों पर होगी भर्ती; 16 Young Professionals की भी नियुक्ति


