​पूर्णिया। बिहार के शिक्षा और साहित्य जगत के लिए एक सुखद खबर है। पूर्णिया शहर के थाना चौक स्थित जिला राज्य पुस्तकालय (स्टेट लाइब्रेरी) अब एक नई और आधुनिक पहचान के साथ तैयार हो रहा है। वर्षों से पुराने भवन में संचालित हो रही इस लाइब्रेरी को अब एक हाईटेक मॉडल स्टेट लाइब्रेरी का रूप दिया गया है। करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए भवन में पुस्तक प्रेमियों और छात्रों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

​दशकों पुरानी विरासत के साथ आधुनिक तकनीक का संगम

​पूर्णिया की यह स्टेट लाइब्रेरी केवल किताबों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह अपने अंदर कई दशकों और सैकड़ों साल पुरानी दुर्लभ पुस्तकों को सहेज कर रखे हुए है। अब इन ऐतिहासिक धरोहरों को आधुनिक वातावरण में पढ़ने का मौका मिलेगा। भवन निर्माण विभाग की देखरेख में इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां शांत और ज्ञानवर्धक माहौल मिल सके।

​क्या-क्या होंगी खास सुविधाएं?

​इस मॉडल लाइब्रेरी में पढ़ने वाले पाठकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:

  • ​हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर: वाई-फाई जोन और कंप्यूटर लैब की सुविधा।
  • ​अध्ययन के लिए बेहतर माहौल: आरामदायक फर्नीचर के साथ अत्याधुनिक रीडिंग प्लेस।
  • ​सुरक्षा और स्वच्छता: पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, शुद्ध पेयजल और आधुनिक वॉशरूम की व्यवस्था।
  • ​सुव्यवस्थित प्रबंधन: पुराने और नए ज्ञान का बेहतरीन तालमेल।

​डीएम की पहल और विभागीय प्रयास

​इस मॉडल लाइब्रेरी के निर्माण का सपना दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम कुंदन कुमार की पहल से शुरू हुआ था। उनके प्रयासों को अब धरातल पर सफलता मिली है। वर्तमान में BSEIDC (बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम) के कार्यकारी अभियंता द्विजेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि भवन का निर्माण अंतिम चरण में है और फिनिशिंग का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

​कब तक मिलेगी सौगात?

​पुस्तकालय के प्रभारी इंचार्ज अब्दुर रहमान ने बताया कि पूर्णिया वासियों के लिए यह जिले की पहली मॉडल स्टेट लाइब्रेरी होगी। यह राज्य की पटना स्थित लाइब्रेरी के बाद दूसरी सबसे महत्वपूर्ण स्टेट लाइब्रेरी के रूप में जानी जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सभी तकनीकी कार्य पूरे होने के बाद अगले कुछ महीनों में इसे आम जनता और छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा। यह लाइब्रेरी निश्चित रूप से पूर्णिया के छात्रों के लिए ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाने का सबसे पसंदीदा स्थान बनेगी।