हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कानपुर में विरोध मार्च निकाला. कोतवाली चौराहे के पास पुलिस ने रस्सा लगाकर मार्च रोका, जिसके बाद जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.
कानपुर. उत्तराखंड के हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कानपुर में विरोध मार्च निकाला. कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान के मामले में दोषियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इसके बजाय उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया.
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए विरोध जताया. तय कार्यक्रम के मुताबिक बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक हॉल में एकत्र हुए और वहां से मार्च शुरू किया.
पुलिस ने मार्च रोका
विरोध मार्च कोतवाली चौराहे की ओर बढ़ा. यहां एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय ने रस्सा लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक की स्थिति बनी रही.

बाद में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने एसीपी कोतवाली को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा.
भाजपा पर लगाए आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे की सभा समाप्त होने के बाद भाजपा नेताओं की ओर से स्थान का शुद्धीकरण कराया गया और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसका समर्थन किया. उन्होंने इसे भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का संकेत बताया.
संदीप शुक्ला के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस कथित अमानवीय कृत्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. उनका आरोप है कि इसके बाद उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जो लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही का परिचायक है.
मुकदमा वापस लेने की मांग
कांग्रेस शहर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान किया गया और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं. उन्होंने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करती और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी.
विरोध प्रदर्शन और मार्च में सतीश दीक्षित, रामचंद्र गुप्ता, इखलाक डेविड, अंकित कन्नौजिया, कुनकुन खान, शिवम पटवा, संदीप मिश्रा, गुड्डू पाल, एजाज रशीद, शुभम राजपूत, अभिषेक सिंह राजावत, उस्मान सोनू, निखिल गुप्ता, गोविंद यादव, माना यादव, इरफान, हनी सिंह पाल और राजेंद्र वाल्मीकि समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे.



