Rahul Gandhi Support To Abhijeet Dipke: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) को अब राहुल गांधी का साथ मिला है। सौरव दास और आशुतोष रांका को जेल की सजा मिलने पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके का साथ दिया है। राहुल गांधी ने अभिजीत दीपके के बयान पर कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन, भले ही बैनर अलग-अलग हों, लेकिन मकसद एक ही है।

राहुल गांधी ने सोशळ मीडिया एक्स पर लिखा- जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना कोई जुर्म नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है। राहुल गांधी ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बयान को कोट करते हुए कहा छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक। अलग-अलग बैनर, एक मकसद। सभी विरोध एक हैं: नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे।

बता दें कि प्रतिबंधित दिल्ली जंतर-मंतर में बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसनकर प्रदर्शन करने के कारण कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) नेता सौरव दास-आशुतोष रांका को 5 दिन की जेल की सजा मिली है। सौरव दास और आशुतोष रांका के न्यायिक हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने रिएक्ट करते हुए पीएम मोदी को इमरजेंसी घोषित करने का चैलेंज दिया है। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना. थोड़ी हिम्मत दिखाइए, नरेंद्र मोदी। अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल (Emergency) घोषित करने की हिम्मत दिखाइए।

CJP नेताओं ने कल किया था प्रदर्शन

दरअसल दिल्ली के जंतर मंतर को सरकार ने प्रदर्शन वाले स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। इसकी जगह पर तीन नए जगहों को प्रदर्शन के लिए चुना है। इसी के विरोध में सौरव दास और आशुतोष रांका अन्य सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को जंतर-मंतर पर पहुंचे। दोनों गेट फांदकर जंतर-मंतर पर दाखिल हुए. इस दौरान तिरंगा लहराया। पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था। दोनों नेताओं पर आरोप है कि BNSS की धारा 163 का दोबारा से उल्लंघन किया है। बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा, इसलिए कोर्ट ने उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा है।

11 अक्टूबर को 50-50 हजार के मुचलके पर छूटे CJP नेता

इससे पहले CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था।तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी थी।

दिल्ली पुलिस का आया जवाब

सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बयान जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सदस्य एक निजी जगह से होते हुए जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोका, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। सौरव दास, आशुतोश रांका और अजिंक्य शिंदे को बुधवार को SEM कोर्ट में पेश किया गया, अजिंक्य शिंदे को 5 हजार का बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया गया। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया।

SIR पर चुनाव आयोग में फूट! 10 महीने में 14 बार दो चुनाव आयुक्तों ने फैसलों पर जताई नाराजगी, जानकारी के बिना निर्णय लेने का लगाया आरोप

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m