Siddaramaiah Sting Video Controversy: कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व CM सिद्धारमैया को स्टिंग वीडियो विवाद में राहत मिली है। बेंगलुरु की एक कोर्ट ने मंगलवार को सिद्धारमैया की याचिका पर उनसे जुड़े एक स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रसार पर अंतरिम रोक लगा दी। पूर्व सीएम ने कोर्ट में याचिका दायर कर वीडियो के दिखाने और उसे शेयर करने पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वीडियो के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
बेंगलुरु की अदालत में जज बी. पुष्पांजलि ने अंतरिम आदेश देते हुए विवादित वीडियो को दिखाने, अपलोड करने और शेयर करने पर रोक लगा दी है। यह रोक सोशल मीडिया समेत सभी प्लेटफॉर्म पर लागू होगी।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्टिंग वीडियो को अपने खिलाफ दुष्प्रचार और मानहानि की कोशिश बताया है। सिद्धारमैया ने वीडियो से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में झूठ को सच के रूप में पेश करना आसान हो गया है। उन्होंने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि वे ऐसी जानकारी को आगे न फैलाएं, जिसे वह गलत बता रहे हैं। उन्होंने अपनी पांच दशक लंबी राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नाटक की जनता उनके सार्वजनिक जीवन से परिचित है। सिद्धारमैया ने भरोसा जताया कि आखिरकार सच सामने आएगा।
पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
सिद्धारमैया ने मामले में शहर के पुलिस आयुक्त के पास भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वह अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करते हैं और उन्होंने कभी मीडिया को अपना काम करने से नहीं रोका। हालांकि, उनका कहना है कि कुछ मीडिया संस्थानों की ओर से इस आजादी का गलत इस्तेमाल किए जाने के कारण उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा।
बेटे यतींद्र ने भी वीडियो को बताया फर्जी
वहीं उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने भी वीडियो को फर्जी बताते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश कहा है। यतींद्र ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दी गई है।उन्होंने वीडियो को स्टिंग ऑपरेशन मानने से इनकार किया। यतींद्र का कहना है कि यह किसी की छवि खराब करने और गलत प्रचार फैलाने की साजिश है। अगर लोगों को सच नहीं पता होगा, तो वे वीडियो को असली मान सकते हैं।
CBI से मामले की जांच होः बीजेपी
स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर लेजिस्लेटिव काउंसिल में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने कहा, “चीफ मिनिस्टर डी.के. शिवकुमार, आपके खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किसने किया था? आपने बयान दिया था कि लोग आपका स्टिंग ऑपरेशन करने आए थे। क्या आपमें ज़रा भी सेल्फ-रिस्पेक्ट या डिग्निटी है? आप एक चीफ मिनिस्टर हैं। अगर कोई ऐसे आता, तो आपको उन्हें लात मारकर जेल में डाल देना चाहिए था। आप एक चीफ मिनिस्टर हैं। जब आपने कहा, ‘वे मेरा स्टिंग ऑपरेशन करने आए हैं, इसलिए अलर्ट रहें’ तो आप किसे सावधान कर रहे थे? क्या यह अधिकारी थे, या आपके मंत्री थे? यह ब्लैकमेल है या सच, इसे CBI को सौंपकर जांच करवाएं। पावर छोड़ दें और पद छोड़ दें। पूर्व चीफ मिनिस्टर सिद्धारमैया को ही देख लीजिए। वह घर पर बैठे हैं, कह रहे हैं ‘बस, मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’—उन्होंने वह भी कुर्बान कर दिया। उन्होंने चीफ मिनिस्टर का पद कुर्बान कर दिया ताकि आप, डी.के. शिवकुमार, बन सकें। मुख्यमंत्री, और अब वह घर पर शांति से बैठे हैं। क्या आप कम से कम सिद्धारमैया को वहां शांति से नहीं छोड़ सकते? जिसने इतना त्याग किया, उसके साथ ऐसा व्यवहार करना क्या सही है? आपने तो उसका वीडियो भी बाहर लीक कर दिया।
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