सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में गुरुवार को 14 लोगों की मौत हो गई. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ घंटों तक गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश की चेतावनी जारी की है.
बारिश से सबसे अधिक जनहानि पूर्वांचल में हुई है. गोरखपुर और बस्ती मंडल में आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हुई, जबकि बुलंदशहर में दीवार गिरने से दो लोगों की जान चली गई. कई जिलों में जलभराव और सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार बिजनौर के नजीबाबाद में पिछले 24 घंटे में 306 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद तीसरी सबसे अधिक वर्षा है. एटा में 222 मिमी, संभल में 204 मिमी और आगरा में 146 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. लगातार बारिश से कई जिलों का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है.
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आईएमडी की तरफ से शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी सहित कई जिलों में अगले कुछ घंटों तक मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, हापुड़, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, बरेली और पीलीभीत समेत कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
स्थिति को देखते हुए कानपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार 13 जुलाई तक प्रदेश में अच्छी मानसूनी बारिश जारी रहने की संभावना है.
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उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली और अन्य वर्षाजनित घटनाओं से हुई जनहानि, पशुहानि व आर्थिक नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर अनुमन्य राहत राशि उपलब्ध कराने, घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं.

