शिवम मिश्रा, रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को एक कथित फर्जी वकील को पकड़ने का मामला सामने आया है। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की सतर्कता से आरोपी को पकड़ा गया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

narayana

जानकारी के अनुसार जिला न्यायालय परिसर में एक व्यक्ति वकील बनकर लोगों से संपर्क कर रहा था। संदेह होने पर वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वह अपना नाम बार-बार बदलकर बताने लगा। कभी उसने खुद को हरीश डहरिया बताया तो कभी मनीष कुर्रे के नाम से पहचान देने लगा, जिससे वकीलों का संदेह और गहरा गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी के पास से 4 से 5 संदिग्ध आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में इन दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल उठे हैं, जिसके बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है।

सूत्रों के मुताबिक आरोपी किसी क्लाइंट का काम कराने के नाम पर न्यायालय पहुंचा था। जब संबंधित कार्य नहीं हो सका तो क्लाइंट ने कोर्ट परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान अधिवक्ताओं को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ और उन्होंने उसे पकड़ लिया।

रायपुर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस मामले में एक गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि आरोपी के साथ जुड़े 5 अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस बरामद दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कितने समय से न्यायालय परिसर में सक्रिय था और उसने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।

फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H