शिवम मिश्रा, रायपुर। राजधानी रायपुर के पांच सितारा होटल हयात में देशभर के लग्जरी होटलों को निशाना बनाने वाले एक कथित सीरियल ठग का मामला सामने आया है। तमिलनाडु निवासी 61 वर्षीय भीमसेन जॉन पर आरोप है कि वह तीन दिन तक होटल में ठहरा, महंगे भोजन और अन्य सुविधाओं का लाभ उठाया तथा बाद में कार्यालय के काम का बहाना बनाकर होटल प्रबंधन से किराये पर मंगाया गया लैपटॉप लेकर फरार हो गया। आरोपी होटल का ₹63,755 का बिल भी बिना चुकाए चला गया। मामले में तेलीबांधा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी 25 जून 2026 को होटल हयात पहुंचा था। उसने स्वयं को कारोबारी बताते हुए होटल के कमरा नंबर 512 में लग्जरी रूम बुक कराया। अगले तीन दिनों तक उसने होटल की विभिन्न सुविधाओं का उपयोग किया, महंगे भोजन का ऑर्डर दिया और पार्टी भी की। इस दौरान उसने होटल प्रबंधन से जरूरी ऑफिस कार्य का हवाला देकर एक लैपटॉप उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। होटल ने मेहमान की सुविधा को देखते हुए बाहरी एजेंसी से करीब ₹1.48 लाख कीमत का लैपटॉप किराये पर मंगवाकर उसे उपलब्ध करा दिया।

बिना चेकआउट किए होटल से गायब

27 जून की सुबह आरोपी बिना औपचारिक चेकआउट किए होटल से निकल गया। जब होटल कर्मचारियों ने उसके कमरे की जांच की तो वह खाली मिला। इसके बाद पता चला कि आरोपी न तो होटल का ₹63,755 का बिल चुका कर गया और न ही उसे दिया गया लैपटॉप लौटाया। होटल प्रबंधन ने उसके दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले।

घटना के बाद होटल हयात के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह ने तेलीबांधा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पहले भी कई शहरों में कर चुका है वारदात

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भीमसेन जॉन देशभर के लग्जरी होटलों को इसी तरह निशाना बनाता रहा है। पुलिस के अनुसार, वह मुंबई, दिल्ली, पुणे, हैदराबाद सहित कई शहरों के फाइव स्टार होटलों में कथित रूप से इसी तरीके से ठगी कर चुका है। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी अब तक 182 लग्जरी होटलों को अपना निशाना बना चुका है।

बताया जाता है कि वह महंगे कपड़े पहनकर और खुद को अधिकारी या कारोबारी बताकर होटल में कमरा बुक कराता है। कुछ दिनों तक होटल की सुविधाओं का उपयोग करने के बाद बिल भुगतान के समय बहाना बनाकर फरार हो जाता है। कई मामलों में वह होटल से मूल्यवान सामान भी लेकर निकल जाता है।

1997 से शुरू किया ठगी का खेल

पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, भीमसेन जॉन वर्ष 1997 में एक होटल में वेटर के रूप में काम करता था। बताया जाता है कि उस समय वेतन विवाद के बाद उसने होटल उद्योग को निशाना बनाना शुरू किया। बाद के वर्षों में उसने कथित रूप से देश के कई फाइव स्टार होटलों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया।

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले वर्ष मुंबई पुलिस ने उसे एक होटल से गिरफ्तार भी किया था। जेल से रिहा होने के बाद वह फिर सक्रिय हो गया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि उसे चोरी और ठगी करने का शौक है।

पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

रायपुर पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

डीसीपी ने क्या कहा ?

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत सेंट्रल जोन (Central Zone) के डीसीपी उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि होटल प्रबंधन की शिकायत पर तेलीबांधा थाना में अपराध दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले तीन-चार दिनों से होटल में ठहरा हुआ था और स्वयं को अधिकारी बताकर होटल प्रबंधन का विश्वास जीतता था। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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