विकास कुमार, सहरसा। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सहरसा जिला मुख्यालय में देशप्रेम की एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। जिले के एएनएम (ANM) प्रशिक्षण संस्थान की छात्राओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के मन में देश के प्रति सम्मान, राष्ट्रवाद की भावना और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों की याद को तरोताज़ा करना था। सुबह से ही छात्राओं में एक अलग ही ऊर्जा और उमंग दिखाई दे रही थी, जिसने पूरे शहर के माहौल को पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

​हाथों में तिरंगा और जुबां पर वंदे मातरम् के नारे

​तिरंगा यात्रा की शुरुआत निर्धारित प्रशिक्षण संस्थान परिसर से हुई, जिसके बाद यह शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी। छात्राओं ने अपने हाथों में विशाल तिरंगा थाम रखा था। रास्ते भर पूरा शहर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों से गूंजता रहा। इस भव्य यात्रा को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। हर कोई छात्राओं के इस जज्बे की सराहना कर रहा था। छात्राओं की अनुशासित कतार और उनके चेहरे पर झलकता गर्व हर किसी के दिल में राष्ट्र के प्रति प्रेम जगा रहा था।

​शहीदों के बलिदान को किया गया नमन

​यात्रा के दौरान आयोजित संक्षिप्त सभा और बातचीत में छात्राओं ने देश के अमर सपूतों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। छात्राओं ने मीडिया और स्थानीय नागरिकों से बात करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें केवल एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में नहीं, बल्कि उन वीर सेनानियों के महान बलिदानों को याद करने का अवसर देता है जिन्होंने देश की खातिर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी का यह परम कर्तव्य है कि वे देश की स्वतंत्रता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

​राष्ट्रीय एकता और जन-जागरूकता का संदेश

​यह तिरंगा यात्रा केवल एक जलसा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक सशक्त संदेश थी। छात्राओं ने यात्रा के माध्यम से लोगों को देश की आजादी के महत्व और एक नागरिक के रूप में राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार ये भावी एएनएम छात्राएं अपने पेशेवर दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति भी उतनी ही जागरूक और समर्पित हैं।