Rajasthan News: राजस्थान कांग्रेस में ढाई साल से चल रही ठंडी जंग एक बार फिर खुलेआम सड़क पर आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर सीधा हमला बोला, तो सियासत गरमा गई। हालांकि, अब गहलोत खुद ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं और मामले को रफा-दफा करने का दावा कर रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या करौली के मंच से शुरू हुई यह लड़ाई इतनी आसानी से थम जाएगी?

गहलोत ने मारा यू-टर्न, बोले- भूलो और माफ करो
रविवार को अशोक गहलोत ने अचानक साल 2022 की बगावत और मानेसर कांड का जिक्र छेड़कर पायलट को घेर लिया था। उन्होंने कहा था कि पायलट को अपनी गलती माननी चाहिए। इस बयान से दिल्ली तक हड़कंप मच गया। माहौल बिगड़ता देख अब गहलोत के सुर बदल गए हैं।
गहलोत ने जयपुर में मीडिया से कहा, मैंने जैसलमेर में ही कह दिया था- भूलो और माफ करो। इसका मतलब है कि पुरानी बातें छोड़कर सब मिलकर पार्टी की छत के नीचे आगे चलो। चाहे मैंने गलती की हो या किसी और ने, अब सब पुरानी बातें खत्म होनी चाहिए।
मोहब्बत की दुकान खोलनी है
गहलोत के हमले पर सचिन पायलट ने भी बेहद सधे हुए अंदाज में पलटवार किया। पायलट ने चुटकी लेते हुए कहा, मैंने बयान में सिर्फ इतना सुना है कि गहलोत जी मुझे अपने बेटे वैभव की तरह समझते हैं और वैसा ही स्नेह देते हैं। अब हम दोनों को मिलकर आगे मोहब्बत की दुकान खोलनी है। पायलट के इस जवाब ने गहलोत खेमे को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
किरोड़ी लाल मीणा बोले- ये तो आलाकमान का डंडा है
इस पूरे विवाद पर भाजपा के दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने तीखा तंज कसा है। किरोड़ी लाल ने कहा, यह न तो पूर्णविराम है और न ही अल्पविराम। यह तो आलाकमान के इशारे पर कुछ समय की मजबूरी वाली चुप्पी है। दिल्ली से मैसेज आया होगा कि अभी मत लड़ो, इसलिए गहलोत जी पलट गए। वरना वो तो तय करके बैठे हैं कि उनके अलावा राजस्थान में कोई पावर में नहीं आना चाहिए।
क्या कहते हैं राजनीतिक पंडित?
वरिष्ठ पत्रकार श्यामसुंदर शर्मा का मानना है कि अशोक गहलोत के मन से सत्ता का मोह नहीं जा रहा है। वो सचिन पायलट को कभी आगे बढ़ता नहीं देख सकते। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व भी अब गहलोत के रुख से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पायलट को कांग्रेस में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है, इसी वजह से गहलोत खेमा बेचैन है। दिल्ली में केसी वेणुगोपाल के सामने दोनों की सुलह की बातें सिर्फ कागजी साबित हो रही हैं।
पढ़ें ये खबरें
- CG News : ट्रक और बस में आमने-सामने भिड़ंत, 6 यात्री घायल, केबिन में फंसा चालक
- अवैध कब्जे पर प्रशासन का बड़ा एक्शन : 23 मकानों पर चला बुलडोजर, 7 एकड़ 75 डिसमिल शासकीय भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त
- तिरंगे की मजबूती बढ़ाने के लिए फैब्रिक की होगी वैज्ञानिक स्टडी, आंधी-तूफान और धुलाई से भी नहीं होगा नुकसान
- कोचिंग को विवादों का अड्डा बनने से रोकेंगे शिक्षा मंत्री, छात्रों के भविष्य को लेकर विभाग का कड़ा रुख
- उद्धव की शिव-‘सेना’ फिर टूटीः 6 बागी सांसदों ने एकनाथ शिंदे को समर्थन दिया, लोकसभा स्पीकर को सौंपी चिट्ठी
