राजस्थान के LDC Paper Leak मामले में कांग्रेस ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जांच को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को सौंपने की मांग की है। जैसलमेर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने दावा किया कि यह केवल नकल का मामला नहीं, बल्कि पेपर लीक का गंभीर मामला है।

उनका कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा हॉल से बाहर गया था और विभागीय जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए स्वतंत्र और व्यापक जांच की जरूरत है।

भर्ती परीक्षाओं की जांच की उठाई मांग

अमरदीन फकीर ने पदम सिंह के परिवार का जिक्र करते हुए मांग की कि उनके बेटे वीरेंद्र सिंह के पटवारी भर्ती और ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में हुए चयन की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि संबंधित परीक्षा केंद्रों पर किन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी थी।

इसके अलावा उन्होंने पदम सिंह के दूसरे बेटे देवेंद्र सिंह, जो वर्तमान में सरकारी शिक्षक हैं, उनके चयन की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

मोबाइल तोड़ने के मामले पर उठाए सवाल

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी द्वारा मोबाइल फोन तोड़े जाने की घटना अपने आप में बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि यदि पेपर लीक नहीं हुआ था, तो मोबाइल नष्ट करने की जरूरत क्यों पड़ी? उनके अनुसार मोबाइल के डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

फकीर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के अधिवक्ताओं ने प्रेस वार्ता में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल तो उठाए, लेकिन पेपर लीक के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

पिछले तीन वर्षों की परीक्षाओं की जांच की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम इस मामले में सामने आए हैं, उनकी पिछले 3 वर्षों में जिन-जिन परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी लगी थी, उन सभी परीक्षाओं की जांच कराई जाए। साथ ही उन परीक्षा केंद्रों से चयनित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की भी समीक्षा की मांग की।

निलंबन नहीं होने पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि जिन सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया, उनके खिलाफ अब तक विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

फकीर का कहना है कि नियमों के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी 24 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

25 जुलाई तक का अल्टीमेटम

कांग्रेस ने प्रशासन को 25 जुलाई तक का समय दिया है। पार्टी की मांग है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।

कांग्रेस का कहना है कि यदि पुलिस ने 5 लोगों को आरोपी बनाया है, तो केवल 2 की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। सभी आरोपियों के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए।

पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 25 जुलाई को जिला कलेक्टर कार्यालय और एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

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