Rajasthan National Highway Construction Rules: राजस्थान सरकार ने नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राजस्व विभाग ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी करते हुए नेशनल हाईवे के मिड पॉइंट से 40 मीटर तक के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वर्जन) पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना में लिया गया है।

फलोदी सड़क हादसे के बाद सख्त हुए नियम

कुछ महीने पहले फलोदी में नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद इस मामले ने गंभीर रूप लिया था। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में राज्य के सभी नेशनल हाईवे पर नियमों के तहत 75 मीटर तक बने होटल, ढाबों और अन्य अतिक्रमणों को हटाने तथा उनका संचालन बंद करने के निर्देश दिए थे। बाद में अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश जारी कर 40 मीटर तक आवासीय और 75 मीटर तक व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाते हुए नो-कंस्ट्रक्शन जोन बनाने के निर्देश दिए।

40 मीटर तक आवासीय, 75 मीटर तक व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक

राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नेशनल हाईवे के मिड पॉइंट से 40 मीटर तक किसी भी जमीन का आवासीय उपयोग के लिए लैंड यूज कन्वर्जन नहीं किया जाएगा। वहीं 75 मीटर तक व्यावसायिक उपयोग के लिए भी भूमि उपयोग परिवर्तन पर रोक रहेगी। इसका मतलब है कि 40 मीटर के बाद केवल आवासीय निर्माण की अनुमति दी जा सकेगी, जबकि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 75 मीटर की सीमा लागू रहेगी।

ढाबा, होटल और दुकानें भी नहीं चल सकेंगी

नए आदेशों के तहत नेशनल हाईवे के मिड पॉइंट से 75 मीटर तक ढाबा, होटल, मोटल, रेस्टोरेंट और दुकान जैसी किसी भी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कृषि भूमि का व्यावसायिक उपयोग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन भी नहीं किया जाएगा।

कलेक्टरों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अगले आदेश तक नेशनल हाईवे से संबंधित ऐसे किसी भी लैंड यूज कन्वर्जन प्रस्ताव को मंजूरी न दी जाए। विभाग का उद्देश्य हाईवे किनारे अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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