Rajasthan News: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में एक संविदा कर्मी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान दीपक चरवाल के रूप में हुई है, जो पिछले चार साल से महिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा था।

अचानक बेरोजगार होने के सदमे में था दीपक
मिली जानकारी के मुताबिक, दीपक अस्पताल प्रशासन के एक अचानक लिए गए फैसले से मानसिक तनाव में था। दरअसल, अस्पताल प्रशासन ने महिला चिकित्सालय से करीब 150 संविदा कर्मचारियों को अचानक नौकरी से हटा दिया था। इसके अलावा जेके लोन अस्पताल में भी लगभग 200 कर्मचारियों को हटाने का नोटिस थमा दिया गया है। सालों से काम कर रहे इन कर्मचारियों के सामने अचानक रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया, जिसे दीपक बर्दाश्त नहीं कर पाया।
इमरजेंसी के बाहर शव रखकर धरना
दीपक की मौत की खबर फैलते ही साथी कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना से नाराज सैकड़ों संविदा कर्मी एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर लाश रखकर धरने पर बैठ गए हैं। वे मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं की एंट्री, बाकी साथियों ने दी सुसाइड की धमकी
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता रफीक खान और अमीन कागजी तुरंत धरना स्थल पर पहुंच गए और सरकार को घेरना शुरू कर दिया। वहीं, प्रदर्शन कर रहे अन्य संविदा कर्मियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं और नौकरी से हटाने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो बाकी साथी भी आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराने की कोशिशों में जुटे हैं।
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