Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने 9 पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। यह फैसला एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जिसमें इन कर्मचारियों पर घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के गंभीर आरोप पाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कार्य के प्रति लापरवाह रवैये को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री स्तर पर लिया गया निर्णय
समिति की सिफारिश के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन पुलिसकर्मियों को रिटायर करने का निर्णय लिया। बताया गया कि इन कर्मचारियों के खिलाफ पहले भी कई बार दंडात्मक कार्रवाई की गई थी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार न होने के कारण उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देनी पड़ी।
रिव्यू कमेटी की सिफारिश पर कार्रवाई
यह फैसला राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम-1996 के नियम 53 (1) के तहत लिया गया। पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर पर गठित रिव्यू कमेटी और प्रशासनिक सुधार के तहत बनाई गई उच्च स्तरीय स्थायी समिति की सिफारिश के आधार पर इन पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया गया।
गुड गवर्नेंस के लिए सख्ती जरूरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार प्रदेश में गुड गवर्नेंस का आदर्श स्थापित करने के लिए अनुशासनहीन और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मठ और ईमानदार कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, आम जनता को सरकारी कार्यालयों में बेहतर सेवाएं देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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