Anta Assembly Seat By Election: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट एक बार फिर सियासी सुर्खियों में है। चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। यह चुनाव दूसरे चरण में 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

क्यों हो रहा है उपचुनाव
अंता विधानसभा सीट बारां जिले में आती है। यहां 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार कंवरलाल मीणा ने जीत हासिल की थी। लेकिन 2005 में SDM को धमकाने के एक पुराने मामले में सजा होने के बाद 1 मई 2025 को उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। इसी वजह से अब यहां उपचुनाव होना तय हुआ है।
कितने मतदाता
नवीनतम मतदाता सूची के अनुसार, अंता सीट पर कुल 2,27,563 मतदाता हैं जिनमें 1,16,405 पुरुष, 1,11,154 महिलाएं, और 4 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। जातीय समीकरण की बात करें तो यह माली समाज बहुल सीट है, जहां करीब 40 हजार माली मतदाता हैं। इसके अलावा 30 हजार मीणा, 35 हजार अनुसूचित जाति (SC) और बड़ी संख्या में धाकड़ समुदाय के वोटर भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पिछले चुनावों का इतिहास
अंता सीट पर हमेशा से बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला है। बीते दो दशकों में यह सीट कभी किसी एक पार्टी की स्थायी पकड़ में नहीं रही।
- 2003: प्रमोद जैन भाया ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा के प्रेम नारायण गालव और कांग्रेस के शिवनारायण नागर को हराया।
- 2008: कांग्रेस से जुड़े प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के रघुवीर सिंह कौशल को 29,668 वोटों से हराया।
- 2013: भाजपा के डॉ. प्रभुलाल सैनी ने कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 3,399 मतों से शिकस्त दी।
- 2018: प्रमोद जैन भाया ने फिर वापसी करते हुए डॉ. प्रभुलाल सैनी को करीब 35 हजार वोटों से हराया।
- 2023: भाजपा के कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया को 5,861 मतों से पराजित कर सीट अपने नाम की।
अबकी बार कौन आगे?
अंता सीट पर मुकाबला हर बार की तरह इस बार भी बेहद दिलचस्प और नज़दीकी माना जा रहा है। बीजेपी जहां अपने संगठन और सत्ता में मौजूदगी का फायदा उठाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस अपने अनुभवी नेता प्रमोद जैन भाया के सहारे सीट फिर से हासिल करने की रणनीति बना रही है।
क्या कहते हैं आंकड़े
पिछले पांच चुनावों में तीन बार प्रमोद जैन भाया (एक बार निर्दलीय, दो बार कांग्रेस से) ने जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी दो बार (2013 और 2023) सीट पर काबिज रही है। यही वजह है कि अंता को राजस्थान की सबसे प्रतिस्पर्धी विधानसभा सीटों में से एक माना जाता है।
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