Rajasthan News: राजस्थान में खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल की गई है। राज्य सरकार ने खेल अकादमियों और क्रीड़ा संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों के लिए विशेष पौष्टिक आहार योजना लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत खिलाड़ियों को उनकी जरूरत और पसंद के अनुसार शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।

राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से लागू की जा रही इस व्यवस्था में पहली बार खिलाड़ियों के भोजन में पनीर के साथ चिकन और मटन को भी शामिल किया गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को संतुलित और प्रोटीन युक्त आहार की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई डाइट योजना तैयार की गई है।

युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए केवल बेहतर प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण पोषण भी उतना ही जरूरी है। उनका कहना है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।

नई आहार व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को रोजाना प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर खाद्य सामग्री दी जाएगी। डाइट में बादाम, खजूर, उबले अंडे, मौसमी फलों के जूस और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए गए हैं। वहीं मुख्य भोजन में पनीर, चिकन, मटन, विभिन्न प्रकार की दालें, मल्टीग्रेन रोटियां और मौसमी सब्जियां परोसी जाएंगी।

राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद के सचिव राजकेश मीणा ने बताया कि यह डाइट प्लान विशेषज्ञ डाइटीशियन की सलाह से तैयार किया गया है। खिलाड़ियों की उम्र, खेल विधा, अभ्यास की अवधि और शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन की मात्रा और संरचना तय की गई है।

खेल विभाग का मानना है कि बेहतर पोषण से खिलाड़ियों की रिकवरी, फिटनेस और प्रदर्शन में सुधार होगा। इससे उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर तैयारी के साथ उतरने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था जल्द ही परिषद की सभी खेल अकादमियों और क्रीड़ा संस्थानों में लागू की जाएगी।

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