Rajasthan News: जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक और बड़ा नाव हादसा हो गया। अरथुना थाना क्षेत्र के भैंसाउ गांव के पास माही नदी में सवारियों से भरी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस नाव में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें से 8 लोगों ने तो तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन एक 22 साल का युवक और एक 8 साल का मासूम बच्चा नदी की लहरों में समा गए।

दर्शन के लिए निकले थे ग्रामीण

मिली जानकारी के मुताबिक, ये सभी लोग भानो का पाड़ा गांव के रहने वाले हैं। दोपहर के वक्त ये ग्रामीण माही और अनास नदियों के संगम पर स्थित प्रसिद्ध संगमेश्वर महादेव मंदिर में माथा टेकने जा रहे थे। जैसे ही नाव संगरेश्वर पुल के पास पहुंची, पानी का बहाव और संतुलन बिगड़ने से नाव पूरी तरह पलट गई। देखते ही देखते नाव भी नदी की गहराई में समा गई, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें

हादसे की सूचना मिलते ही अरथुना थाना प्रभारी विनोद मीणा और पुलिस उपाधीक्षक बाबूलाल रैगर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीम ने घंटों तक जयेश (21) और मानव (8) की तलाश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। शाम ढलने और विजिबिलिटी कम होने के कारण फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि कल सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

सुरक्षा के नाम पर बड़ा खिलवाड़

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नाव एक स्थानीय व्यक्ति चला रहा था। शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है वो चौंकाने वाली है नाव में सवार किसी भी व्यक्ति ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। बिना सुरक्षा इंतजामों के गहरे पानी में नाव उतारने ने प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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