Rajasthan News: प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक हटाने को लेकर अटकलें तेज हैं, और कर्मचारी लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई मंत्रियों ने इस मुद्दे को उठाया था। इस बीच, गुरुवार को सोशल मीडिया पर तबादलों से रोक हटाने का एक फर्जी आदेश तेजी से वायरल हो गया, जिससे कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।

फर्जी आदेश का सच
वायरल हुआ यह आदेश दरअसल फरवरी में निकाले गए आदेश को एडिट करके बनाया गया है। इस आदेश में प्रशासनिक सुधार विभाग के पूर्व सचिव राजन विशाल का नाम इस्तेमाल किया गया है, जबकि अब इस पद पर आईएएस उर्मिला राजोरिया ने चार्ज संभाल लिया है।

सरकार का खंडन
फर्जी आदेश के वायरल होने के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग ने इसे स्पष्ट रूप से फर्जी करार दिया और कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी भ्रम में न आएं। उर्मिला राजोरिया ने इस बात की पुष्टि की कि सरकार ने तबादलों पर लगी रोक हटाने का कोई भी नया आदेश जारी नहीं किया है, और इस संबंध में कोई भी आधिकारिक सूचना विभाग द्वारा जारी की जाएगी।
कर्मचारियों में मचा हड़कंप
इस फर्जी आदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। तबादलों को लेकर उत्सुकता के चलते कई कर्मचारी इस फर्जी आदेश को सही मान बैठे थे। विभाग ने कर्मचारियों को सतर्क किया है कि वे इस तरह के किसी भी आदेश पर विश्वास न करें, जब तक कि वह आधिकारिक रूप से घोषित न हो।
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