Rajasthan News: जयपुर कमिश्नरेट और चोमू थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एम्स जोधपुर में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने 2020 की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में डमी परीक्षार्थी के ज़रिए एम्स में दाखिला लेने वाले छात्र संदीप गोरा को हिरासत में लिया है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संदीप गोरा पर आरोप है कि उसने 2020 में नीट परीक्षा में खुद की जगह किसी और को (डमी परीक्षार्थी) बिठाकर परीक्षा दिलवाई। इसी फर्जी परीक्षा के आधार पर उसे एम्स जोधपुर में एमबीबीएस में दाखिला मिला, और वह अब तक वहां पढ़ाई कर रहा था।
रिश्तेदार की शिकायत से हुआ खुलासा
इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब संदीप के ही एक रिश्तेदार ने जयपुर कमिश्नरेट में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस की टीम ने चोमू थाना पुलिस के साथ मिलकर एम्स जोधपुर में दबिश दी।
छात्रों का विरोध, फिर हिरासत
पुलिस जब संदीप को पकड़ने एम्स पहुंची तो वहां मौजूद अन्य मेडिकल छात्रों ने इसका जमकर विरोध किया। छात्रों का कहना था कि पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था। काफी देर तक हंगामा और बहसबाज़ी के बाद पुलिस ने देर रात संदीप गोरा को हिरासत में ले लिया।
डमी परीक्षार्थी भी मेडिकल छात्र, अब पुलिस की रडार पर
इस मामले में डमी परीक्षार्थी की पहचान भी हो गई है, जो कि भरतपुर के एक मेडिकल कॉलेज का छात्र है और खुद डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। अब पुलिस इस पूरे फर्जीवाड़े और संभावित रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।
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