Rajasthan News: जयपुर के आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में CBI ने एक बड़े भ्रष्टाचार रैकेट का खुलासा किया है. इस नेटवर्क में एक एडवोकेट, ITAT की एक ज्यूडिशियल मेंबर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार सहित कई सरकारी और निजी लोग शामिल हैं. सभी पर रिश्वत लेकर अपील निस्तारण में पक्षकारों को फायदा पहुंचाने का आरोप है. CBI ने केस दर्ज कर लिया है और सर्च ऑपरेशन अभी जारी है. आगे और गिरफ्तारियां की जाने की आशंका है.

5.5 लाख की रिश्वत लेते एडवोकेट रंगे हाथ गिरफ्तार
25 नवंबर को CBI ने ITAT जयपुर में कार्रवाई करते हुए एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया को 5.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था. आरोपी के घर से करीब 80 लाख रुपये नकद भी मिले. यह रकम हवाला चैनल के जरिए एक अपीलकर्ता ने पहुंचाई थी. एडवोकेट की गिरफ्तारी के बाद टीम ने छापे का दायरा बढ़ा दिया.
ज्यूडिशियल मेंबर की कार से निकले 30 लाख
इसके बाद 26 नवंबर को CBI ने ITAT की ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. एस. सीथालक्ष्मी को भी गिरफ्तार कर लिया. उनकी सरकारी गाड़ी से 30 लाख रुपये बरामद हुए. मामले में तीसरा आरोपी मुज्जम्मिल है, जो अपीलकर्ता भी है और उसी ने पूरी रिश्वत डील सेट की थी. CBI ने जयपुर के साथ कोटा और अन्य जगहों पर भी सर्च की है.
रेड में मिला 1 करोड़ से ज्यादा कैश
अभी तक की छापेमारी में CBI को एक करोड़ रुपये से अधिक नकद मिला है. हवाला ट्रांजेक्शन से जुड़े कागजात और फर्जी प्रॉपर्टी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.
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