Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा संसद में दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बांदीकुई विधानसभा क्षेत्र के बसवा में स्थित महाराणा राणा सांगा के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि इतिहास के महापुरुषों पर गलत टिप्पणी करना अस्वीकार्य है।

‘इतिहास को मिटाने की कोशिश’
रविंद्र भाटी ने कहा कि राणा सांगा मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम समय तक लड़े। उनके शरीर पर 80 घाव थे, एक हाथ और एक पैर नहीं था, लेकिन फिर भी वे रणभूमि में डटे रहे। उन्होंने कहा,
“आज कुछ ताकतें भारत के इतिहास और संस्कृति को मिटाने की कोशिश कर रही हैं। ये लोग वेस्टर्न कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन हमें अपने इतिहास को पढ़कर सच्चाई को समझना होगा और इन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा।”
‘अभिमान नहीं, विनम्रता जरूरी’
रामजीलाल सुमन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि, “बड़े महापुरुषों पर बयानबाजी करने के बाद भी घमंड बनाए रखना गलत है। अकड़ मुर्दे की पहचान होती है, इंसान वही होता है जो झुककर चलता है। जो गलती की है, उसके लिए माफी भी शायद पर्याप्त नहीं होगी। समय के साथ सबकुछ साफ हो जाएगा।”
‘महापुरुषों को जाति-धर्म से मत जोड़ो’
मीडिया से बातचीत में विधायक भाटी ने महापुरुषों को जाति और धर्म से जोड़ने की प्रवृत्ति की आलोचना की। उन्होंने कहा, “महापुरुषों की वजह से ही हम आज स्वतंत्र हैं। उन्हें किसी जाति या धर्म में नहीं बांटा जा सकता। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, जनता उन्हें जवाब दे रही है और आने वाले समय में और भी अच्छा जवाब देगी।”
विवाद बढ़ने के आसार
राणा सांगा पर दिए गए बयान को लेकर राजपूत समाज में नाराजगी देखी जा रही है। विधायक भाटी का यह बयान इस विवाद को और आगे बढ़ा सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा सकता है।
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