Rajasthan News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 72 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित गोपाल लाल शर्मा को खुद को आईआईएफएल कंपनी की सेक्रेटरी बताने वाली एक महिला ने निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। आरोप है कि फर्जी ऐप, यूट्यूब विज्ञापन और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ठगों ने उनसे और उनके परिवार के खातों से कुल 71 लाख 97 हजार 900 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

पीड़ित गोपाल शर्मा, राशमी उपखंड के पहुंना गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसके बाद उनकी बातचीत खुद को आईआईएफएल कंपनी की सेक्रेटरी बताने वाली टीना मल्होत्रा से हुई। महिला ने 5 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया और 26 मार्च को उनसे डीएमए मार्केट ट्रेडिंग अकाउंट का रजिस्ट्रेशन करवाया।
इसके बाद गोपाल शर्मा को एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया, जहां शेयर खरीदने और बेचने की सलाह दी जाती थी। ग्रुप में निवेश से जुड़े स्क्रीनशॉट भी साझा किए जाते थे, जिससे उन्हें भरोसा हो गया कि ट्रेडिंग वास्तविक है।
2 अप्रैल 2026 को उन्होंने पहली बार 25 हजार रुपये निवेश किए। शुरुआती भरोसा बनने के बाद आरोपियों ने लगातार अधिक मुनाफे का लालच दिया। 2 अप्रैल से 3 जून 2026 के बीच गोपाल शर्मा, उनकी पत्नी, पिता और परिवार के अन्य बैंक खातों से एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, कोटक महिंद्रा और फेडरल बैंक सहित विभिन्न खातों के जरिए कुल 71 लाख 97 हजार 900 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पीड़ित का कहना है कि यह रकम होम लोन, पर्सनल लोन, पत्नी चन्द्रकला और पिता देवी लाल के खातों में जमा बचत तथा परिचितों से उधार लेकर जुटाई गई थी।
कुछ समय बाद फर्जी आईआईएफएल वीआईपी ऐप पर करीब 26 लाख 31 हजार 544 रुपये का मुनाफा दिखाई देने लगा। लेकिन जब गोपाल शर्मा ने रकम निकालने की कोशिश की तो ऐप पर फिशिंग की चेतावनी दिखाई दी और अकाउंट में बैलेंस शून्य हो गया।
शक होने पर उन्होंने टीना मल्होत्रा और व्हाट्सएप ग्रुप के अन्य लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सभी मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद उन्होंने आईआईएफएल कंपनी से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि टीना मल्होत्रा नाम की कोई कर्मचारी कंपनी में कार्यरत नहीं है। तभी उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
इसके बाद पीड़ित ने 24 जून को राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर चित्तौड़गढ़ साइबर थाने में आईटी एक्ट की धारा 66डी और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत टीना मल्होत्रा और आर. वेंकटरमन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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