Rajasthan News: ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि गहलोत अपने कार्यकाल की महान भूलों को भूल रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने साढ़े चार साल में जनता पर करों का बोझ बढ़ाया और कई बार बिजली दरों में इजाफा किया।

नागर ने कहा, 100 यूनिट फ्री बिजली चुनाव से पांच महीने पहले दी गई चुनावी रेवड़ी थी। सरकार जाते-जाते वोटों की फसल काटना चाहती थी। उन्होंने कहा जब जमीन से जुड़ा व्यक्ति जनता की सेवा करता है तो इमारतें हिलती हैं और जमीन खिसकती है। जो एक उंगली दूसरों पर उठाता है, उसकी तीन उंगलियां खुद की तरफ होती हैं।
कांग्रेस ने छोड़ा जर्जर बिजली तंत्र
नागर ने कहा कि गहलोत सरकार ने बिजली उत्पादन, प्रसारण और वितरण के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन, राज्य को विरासत में कमजोर बिजली तंत्र मिला। कांग्रेस शासन में महंगे दामों पर एक्सचेंज से बिजली खरीदी गई, जिससे डिस्कॉम्स पर 88,700 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ गया। समय पर ऋण नहीं चुकाने से 300 करोड़ रुपए की पेनल्टी भी लगी।
कांग्रेस के फैसलों की कीमत हमें चुकानी पड़ी
मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 2023 में बैंकिंग व्यवस्था के तहत रबी सीजन के लिए अन्य राज्यों से बिजली लेने का अनुबंध किया था। उस कर्ज की अदायगी मौजूदा सरकार को करनी पड़ी। नतीजतन, रोजाना 147 लाख यूनिट बिजली दूसरे राज्यों को लौटानी पड़ी। फिर भी, नागर ने कहा, हमने प्रदेश में बिजली आपूर्ति में कमी नहीं आने दी।
राजस्थान की ऊर्जा जरूरतों को लेकर सरकार गंभीर
नागर ने बताया कि वर्तमान सरकार ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, प्रसारण और वितरण तंत्र को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, राजस्थान डिस्कॉम्स ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सभी उपभोक्ताओं को 35 पैसे से 80 पैसे प्रति यूनिट तक की राहत दी है। 25 साल में पहली बार एनर्जी चार्ज में छूट दी गई है।
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