Rajasthan News: जोधपुर की एमबीएम इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है. बीई सेकंड सेमेस्टर के नतीजों में बड़ी गलती सामने आई है कुछ छात्रों को 100 अंकों के पेपर में 116 और 120 तक नंबर दे दिए गए. परिणाम वेबसाइट पर अपलोड होते ही छात्र हैरान रह गए. शिकायतें पहुंचीं तो प्रशासन ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए वेबसाइट से पूरा रिजल्ट हटा लिया.

यह गलती सिर्फ तकनीकी चूक नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है. जिस संस्थान से तकनीकी उत्कृष्टता की उम्मीद की जाती है, वहां इस स्तर की लापरवाही चिंताजनक है.
छात्रों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है. पहले भी परीक्षा परिणाम, अंक सुधार और डिग्री वितरण में ऐसी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं. सूत्रों के अनुसार, इस बार गलती ग्रेड शीट तैयार करते वक्त हुई, जब इंटरनल और नॉन-इंटरनल अंकों को गलत तरीके से फीड कर दिया गया. बिना जांचे परिणाम जारी कर दिए गए. यह न केवल तकनीकी त्रुटि है, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई का उदाहरण भी है.
छात्रों का कहना है कि गलती स्वीकारने के बजाय प्रशासन मामले को दबाने में जुट गया. रिजल्ट हटाने के बाद कोई आधिकारिक बयान या नोटिस जारी नहीं हुआ. अब छात्रों को अपनी सही मार्कशीट के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि गलती पूरी तरह विश्वविद्यालय की थी.
शिक्षाविदों का मानना है कि यह घटना राज्य स्तरीय तकनीकी संस्थान की साख पर गहरा असर डालती है. प्रशासन केवल तकनीकी गलती कहकर इससे नहीं बच सकता. दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
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