Rajasthan News: राजस्थान की सियासत में चुनाव को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी के एक बयान ने कांग्रेस को भड़का दिया है। उन्होंने कहा है कि पंचायत और निकाय चुनाव अक्टूबर-दिसंबर से पहले करवा लिए जाएंगे।

संयम लोढ़ा की खुली चुनौती
अरुण चतुर्वेदी के इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा आगबबूला हो गए हैं। लोढ़ा ने साफ कहा है कि चतुर्वेदी संवैधानिक पद पर हैं, फिर भी कानून को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि राजस्थान हाई कोर्ट ने सरकार को 31 जुलाई से पहले चुनाव करवाने का आदेश दिया है। अगर अरुण चतुर्वेदी ने 15 दिन के अंदर अपना बयान वापस नहीं लिया, तो उनके खिलाफ अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर की जाएगी। लोढ़ा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर चुनाव टालने की कोशिश कर रही है।
क्या है चतुर्वेदी का तर्क?
भीलवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए अरुण चतुर्वेदी ने अपनी बात रखी। उनका कहना है कि पिछली सरकार ने ढाई साल तक चुनाव नहीं करवाए थे। अब बीजेपी सरकार एक राज्य, एक चुनाव की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर-दिसंबर से पहले ही चुनाव कराने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
हाई कोर्ट का सख्त रुख
मामला काफी पेचीदा हो गया है। हाई कोर्ट ने 22 मई को सुनवाई करते हुए सरकार को 31 जुलाई की डेडलाइन दी थी। साथ ही ओबीसी आयोग को 20 जून से पहले रिपोर्ट देने को कहा है। अब देखना ये है कि क्या सरकार कोर्ट के आदेश का पालन करती है या फिर कानूनी पचड़े में फंसती है।
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