Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले के सांगरिया विधायक और यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पुनिया का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। बाड़मेर में एक कार्यक्रम के दौरान अभिमन्यु पुनिया ने युवाओं से कहा, अगर अधिकारी बात नहीं सुनें तो उन्हें ठोक दो, आगे हम देख लेंगे। इस बयान ने राजस्थान की राजनीति को गरमा दिया है, और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एक युवा नेता इस तरह के संविधान विरोधी बयान देकर किस तरह का संदेश दे रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
अभिमन्यु पुनिया यह विवादित बयान बाड़मेर के सेड़वा उपखंड में “नशा नहीं नौकरी दो” अभियान के तहत आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दे रहे थे। यूथ कांग्रेस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अभिमन्यु पुनिया ने अधिकारियों के खिलाफ आक्रामक बयान देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मनमानी करता है, तो उसे ठोक दो, बाद में हम निपट लेंगे। उनके इस बयान से कांग्रेस पार्टी की नीति और विचारधारा पर सवाल उठने लगे हैं।
यह बयान अब कांग्रेस के अन्य नेताओं के लिए भी चर्चा का विषय बन चुका है। सेड़वा में आयोजित इस सभा में कई प्रमुख कांग्रेसी नेता मौजूद थे, जिनमें पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व मंत्री गफूर अहमद, बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और अन्य कांग्रेसी नेता शामिल थे।
अभिमन्यु पुनिया के बयान पर विपक्षी दलों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की प्रतिक्रिया भी आनी शुरू हो गई है। इस बयान को लेकर भाजपा ने कड़ी आलोचना की है और इसे अनुशासनहीनता और कानून के उल्लंघन के रूप में पेश किया है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस पार्टी इस विवाद को कैसे संभालती है और इस पर क्या कदम उठाती है।
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