Rajasthan News: राजस्थान की रेतीली धरती सिर्फ किलों और हवेलियों के लिए ही नहीं, बल्कि अथाह ज्ञान के लिए भी जानी जाती है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में बीकानेर के अभय जैन ग्रंथालय का जिक्र कर इसे देश के सामने ला खड़ा किया है। पीएम ने इस ग्रंथालय को ज्ञान भारतम् मिशन का एक अटूट हिस्सा बताया है।

दरअसल, बीकानेर का यह केंद्र कोई साधारण लाइब्रेरी नहीं है। यहां सदियों पुरानी ऐसी पांडुलिपियों का संग्रह है, जिन्हें देखकर इतिहासकार भी दंग रह जाते हैं। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, यहां 2 लाख से अधिक दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं, जिनमें वेद, उपनिषद, आयुर्वेद और ज्योतिष का अनमोल खजाना छिपा है।
ग्रंथालय की कुछ खास बातें
- अत्याधुनिक स्कैनिंग तकनीक से इन पुराने कागजों को डिजिटल फॉर्म में बदला जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे लैपटॉप पर पढ़ सकें।
- यहां सिर्फ हिंदी या संस्कृत नहीं, बल्कि प्राकृत, अपभ्रंश, राजस्थानी, गुजराती से लेकर फारसी, उर्दू और सिंधी तक की पांडुलिपियां मौजूद हैं।
- राजस्थान का यह पहला आधिकारिक पांडुलिपि संरक्षण केंद्र बन गया है, जहां पुरानी धरोहरों को बचाने के लिए विशेष वातावरण तैयार किया गया है।
गौरतलब है कि इस ग्रंथालय की नींव अगरचंद नाहटा और भंवरलाल नाहटा ने रखी थी। आज उनकी तीसरी पीढ़ी के ऋषभ नाहटा इस मिशन को तकनीक के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। ऋषभ का मानना है कि ये पांडुलिपियां केवल पुराने कागज नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की आत्मा हैं।
पढ़ें ये खबरें
- दतिया उपचुनाव: ‘देश के 80% भू-भाग से कांग्रेस साफ, यहां भी मुंह की खाएगी’, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन का बड़ा हमला
- बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ में इसी सत्र से खुलेंगे 5 नए मेडिकल कॉलेज, NMC ने दी मंजूरी
- ‘अब वक्त बदल गया है, टीचर क्लास में बच्चों को जलील नहीं कर सकते…,’ कक्षा में छात्रों को पनिशमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस
- BREAKING: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर उबला सदन, भारी हंगामे के बाद कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित…
- हरियाणा में नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: कैथल से 3 करोड़ का 19.5 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त, 6 गिरफ्तार

