Rajasthan News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की भर्तियों में सेंधमारी का मामला सुलझ गया है। अजमेर साइबर थाना पुलिस ने दौसा के रहने वाले राहुल मीणा (27) को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात ये है कि आरोपी कोई साधारण ठग नहीं, बल्कि झारखंड के सेल (SAIL) में नौकरी कर रहा एक कर्मचारी है।

कैसे दिया घटना को अंजाम?

आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया। उसने AI के जरिए ऐसी कोडिंग तैयार की कि RPSC के भर्ती पोर्टल की सुरक्षा दीवार को ही चकमा दे दिया। इसके बाद उसने सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 के 3 चयनित अभ्यर्थियों के फॉर्म पोर्टल से ही डिलीट कर दिए। मामला तब खुला जब अभ्यर्थी रघुवीर गुर्जर ने 12 जून को शिकायत दर्ज कराई कि उनकी फर्जी आईडी बनाकर पोर्टल के साथ छेड़छाड़ हुई है।

पुलिस की जांच में क्या निकला?

पुलिस के बड़े अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ। आरोपी राहुल को झारखंड से पकड़ा गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेल में राहुल का साथ देने वाला कोई और भी था या यह पूरी साजिश उसने अकेले ही रची थी।

छात्रों की सुरक्षा पर बड़े सवाल

इस घटना ने सरकारी भर्तियों में शामिल होने वाले लाखों युवाओं की नींद उड़ा दी है। पोर्टल में इस तरह की सेंधमारी से डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब पुलिस उन सभी डिजिटल रास्तों को खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल करके राहुल ने हैकिंग को अंजाम दिया था।

पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है, जल्द ही इस गिरोह या इससे जुड़ी तकनीकी खामियों का पूरा खुलासा किया जाएगा।

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