Rajasthan News: राजस्थान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सांगानेर में जयपुर हवाई अड्डे से प्रताप नगर के हल्दी घाटी सर्किल तक 100 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया हैं।

कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को निर्देश दिया है कि वह 2011 के सेक्टर प्लान के अनुसार तय किए गए अलाइनमेंट के आधार पर सड़क का निर्माण करे। साथ ही, सड़क का जो हिस्सा राजस्थान हाउसिंग बोर्ड और जयपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आता है, उसका निर्माण खर्च इनसे वसूला जाए। यदि ये संस्थाएं खर्च नहीं देतीं, तो राज्य सरकार अपने खजाने से निर्माण कार्य पूरा करे। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल खर्च के अभाव में सड़क निर्माण को रोका नहीं जाएगा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने सोमवार को अजय मार्ग निर्माण संघर्ष समिति सहित अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश जारी किया। याचिका में कहा गया था कि 2011 के सेक्टर प्लान में 100 फीट चौड़ी सड़क का प्रावधान है, लेकिन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण इसका निर्माण रुका हुआ हैं। इस वजह से हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 1 और 2 को भी विकसित नहीं किया जा सका।
2018 में अलाइनमेंट बदलाव से प्रभावित मकान मालिकों की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि उन्होंने सोसायटी से भूखंड खरीदे थे और कई वर्षों से वहां रह रहे हैं। अलाइनमेंट बदलने से उनके मकानों पर संकट मंडरा रहा है। कोर्ट ने कहा कि सड़क निर्माण से संबंधित किसी भी स्टे आदेश को अब इस फैसले में समाहित माना जाएगा। साथ ही, किसी भी ट्रिब्यूनल या कोर्ट को इस मामले में नए दावों पर आदेश देने से रोक दिया गया। निर्माण कार्य के लिए पुलिस की मदद लेने की भी छूट दी गई।
पढ़ें ये खबरें
- 43 सरपंच भाजपा में शामिल: संगठन विस्तार या 2029 की सियासी बिसात?
- थायराइड में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानिए हाइपो और हाइपर थायराइड के लिए सही डाइट
- अभिषेक बनर्जी गिरफ्तार होंगे! एमपी हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई, 6 साल पुराने मामले में आई मुसीबत
- डीएपी संकट पर बड़ी राहत, झज्जर पहुंची 2700 एमटी खाद की खेप, किसानों को जल्द मिलेगी पर्याप्त आपूर्ति
- Bastar News Update : केंद्रीय जेल बनी सुधार और पारदर्शिता की मिसाल… बस किराए पर बढ़ा विवाद, यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ… प्रवेशोत्सव के बीच 8 लापरवाह शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी… पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग तेज…
