Rajasthan News: राजस्थान में करौली और सवाई माधोपुर के बीच पांचना बांध का पानी अब आर-पार की लड़ाई बन चुका है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को आंदोलन ने ऐसा मोड़ लिया कि दिल्ली-मुंबई जैसा व्यस्त रेलमार्ग भी थम गया।

ट्रैक पर उतरे किसान, प्रशासन के छूटे पसीने

खंडीप गांव में चल रही महापंचायत आज 12वें दिन भी जारी रही। मंगलवार का दिन सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण अचानक दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे से रेलवे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मौके पर मौजूद अफसरों ने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर ट्रैक खाली कराया। दो दिन पहले भी प्रदर्शनकारियों ने अवध एक्सप्रेस को ट्रैक पर ही रोक दिया था, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई थीं।

क्या है पूरा झगड़ा?

किसानों के पास अभी खरीफ की बुवाई का सीजन सिर पर है, लेकिन खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा। फसलों पर सूखने का संकट मंडरा रहा है। दूसरी तरफ बांध के पास के 39 गांवों के लोग पानी छोड़ने का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पहले उनके इलाके की पेयजल और सिंचाई परियोजनाएं पूरी की जाएं।

महापंचायत का बढ़ता दबाव

खंडीप गांव में डेरा डाले हजारों किसान हर दिन नई रणनीति बना रहे हैं। ट्रैक्टरों और बसों में भरकर दूर-दराज के गांवों से लोग धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। गंगापुर सिटी विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा खुद इस आंदोलन की कमान संभाले हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, वजीरपुर थाने में एसएसपी राकेश राजौरा और डीएसपी राज मीणा ने आंदोलनकारियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने साफ कहा है कि रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करना गैरकानूनी है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सिंचाई का पानी जल्द नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र हो जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस तैनात है और अधिकारी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं।

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