Rajasthan News: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक युग का अंत होने जा रहा है। पिछले दो दशकों से सत्ता के केंद्र रहे और रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने आधिकारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
गुरुवार, 5 मार्च 2026 को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नीतीश के इस चौंकाने वाले फैसले ने जहां बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री का रास्ता साफ कर दिया है, वहीं राजस्थान की सियासत में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस घटनाक्रम पर बेहद तीखा हमला बोला है। पायलट ने सवाल उठाते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने अपने चेहरे पर चुनाव लड़ा और जनता का जनादेश हासिल किया, तो फिर अब वह किसके दबाव में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ रहे हैं? पायलट ने नीतीश के बार-बार गठबंधन बदलने के इतिहास पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने तो बहुत बार अपना मन बदला है कभी इस पाले में तो कभी उस पाले में। अब वह दिल्ली जा रहे हैं, देखना होगा कि आगे क्या होता है।
दूसरी ओर, नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट लिख कर बिहार की जनता का आभार जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2005 से अब तक जनता ने उन पर जो अटूट भरोसा जताया, उसी की बदौलत उन्होंने बिहार की सेवा की। नीतीश ने अपनी इस नई पारी का कारण अपनी अधूरी आकांक्षा को बताया। उन्होंने लिखा कि उनकी हमेशा से इच्छा थी कि वे विधानमंडल और संसद के चारों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य बनें, और इसी संसदीय इच्छा को पूरा करने के लिए वे अब उच्च सदन की राह पकड़ रहे हैं।
इस बड़े इस्तीफे के साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। हालांकि, जेडीयू के भीतर इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी और अंतर्कलह भी देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसी बीच नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री ने चर्चाओं को और हवा दे दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियरिंग स्नातक निशांत को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिसे विपक्ष दिल्ली की लिखी स्क्रिप्ट करार दे रहा है।
अगले 48 घंटों में बिहार में नई कैबिनेट का गठन और भाजपा के मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान होने की संभावना है। उधर, राज्यसभा सदस्य के रूप में नीतीश कुमार की नई भूमिका केंद्र की राजनीति में बड़े फेरबदल का संकेत दे रही है।
पढ़ें ये खबरें
- पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा से पहले चेन स्नैचिंग, कलश यात्रा में आरोपियों ने महिलाओं को बनाया निशाना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- रायपुर में ‘सावन क्वींस 2026’ का हुआ भव्य आयोजन, ग्रीन कोड थीम पर मनमोहक प्रस्तुतियों से महिलाओं ने बिखेरा जलवा
- लखनऊ में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर खूनी हमला: चौकी प्रभारी समेत 3 कर्मचारी लहूलुहान, इलाके में तनाव
- मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में बड़ा हादसा: राइस मिल में मशीन की चपेट में आया मजदूर, हाथ-पैर कटे, घटना दबाने में जुटा प्रबंधन
- Sweety Patel Murder Case: 40 गवाह मुकरे, नहीं मिली लाश… PI देसाई को कैसे हुई उम्रकैद?

