Rajasthan News: राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने कहा है कि जो ग्रामीण चारागाहों में गाय चराने का काम करेंगे, उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।

सोमवार को बारां जिले के दौरे के दौरान एक गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मदन दिलावर ने यह बात कही। उन्होंने ग्रामीणों से परंपरागत तरीके से गाय चराने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की अपील की।
सभा में मंत्री ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि पहले गांव में एक ग्वाला होता था, जो पूरे गांव की गायों को चराने ले जाता था और शाम को सभी गायें अपने-अपने घर लौट आती थीं। उसी समय को गोधूलि बेला कहा जाता था। उन्होंने कहा कि यह परंपरा अब लगभग खत्म हो गई है और इसे दोबारा जीवित करने की जरूरत है।
मदन दिलावर ने ग्रामीणों से कहा कि वे आपस में बैठक कर ग्वालों की नियुक्ति करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्वालों का पूरा मानदेय वे खुद देंगे। मंत्री ने कहा, जिस दिन से यह व्यवस्था शुरू होगी, उसी दिन से हर ग्वाले को 10 हजार रुपये महीने दिए जाएंगे। यह उनका वादा है।
चारागाहों पर अवैध कब्जे के मुद्दे पर भी मंत्री ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि चारागाहों पर कब्जा इसलिए हुआ क्योंकि गायों को चराने भेजना बंद कर दिया गया। अगर गांव के लोग कुछ महीनों तक नियमित रूप से गाय चराएंगे तो कब्जेदार खुद हट जाएंगे। इसके बाद भी अगर कब्जा नहीं हटता है तो प्रशासन की मदद से जमीन को मुक्त कराया जाएगा।
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